ऑस्ट्रेलिया की प्लानिंग को झटका: शुरुआती मैचों में नहीं खेलेंगे कमिंस
बीच में उन्होंने रिहैब के बाद वापसी की कोशिश की और एक टेस्ट में प्रभावी प्रदर्शन भी किया, लेकिन टीम के मेडिकल स्टाफ का मानना है कि उनकी पूर्ण फिटनेस में अभी और समय लगेगा। इसी वजह से उन्हें शुरुआती मैचों से दूर रखा जा रहा है।

ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दहलीज पर ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका लगा है। कप्तान और तेज गेंदबाजी की रीढ़ माने जाने वाले पैट कमिंस पीठ की चोट से अब तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, इसलिए वे टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने सोमवार को संकेत दिया कि कमिंस का रिहैब सही दिशा में चल रहा है, लेकिन उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने का कोई इरादा नहीं है। उम्मीद यही है कि हालात अनुकूल रहे तो कमिंस तीसरे या चौथे मुकाबले के आसपास स्क्वॉड से जुड़कर ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी को फिर से धार दे सकते हैं।
चोट क्या है और क्यों बढ़ी चिंता?
कमिंस इस समय लंबर बोन स्ट्रेस इंजरी (कमर/पीठ की हड्डी से जुड़ा स्ट्रेस इश्यू) से उबर रहे हैं। यही समस्या 2025-26 की एशेज सीरीज से पहले सामने आई थी, जिसके कारण वे सीरीज के कई मुकाबलों से बाहर रहे। बीच में उन्होंने रिहैब के बाद वापसी की कोशिश की और एक टेस्ट में प्रभावी प्रदर्शन भी किया, लेकिन टीम के मेडिकल स्टाफ का मानना है कि उनकी पूर्ण फिटनेस में अभी और समय लगेगा। इसी वजह से उन्हें शुरुआती मैचों से दूर रखा जा रहा है।
कमिंस की टाइमलाइन अलग - जॉर्ज बेली
जॉर्ज बेली ने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को लेकर भी अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि जोश हेजलवुड और टिम डेविड भी फिलहाल चयन से बाहर हैं। टिम डेविड को हैमस्ट्रिंग से जुड़ी हल्की समस्या थी, लेकिन वे वर्ल्ड कप की शुरुआत तक फिट होने की दिशा में हैं। हेजलवुड की स्थिति भी लगभग इसी तरह बताई गई। हालांकि, बेली ने स्पष्ट किया कि कमिंस का मामला अलग है वे टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में उपलब्ध नहीं होंगे और यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो तीसरे या चौथे मैच के आसपास टीम में शामिल हो सकते हैं।
क्यों नहीं ले रहा ऑस्ट्रेलिया कोई जोखिम?
ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन कमिंस के मामले में जल्दबाजी नहीं करना चाहता। कमिंस के करियर में पीठ से जुड़ी समस्याओं का इतिहास रहा है, ऐसे में बोर्ड और चयनकर्ता उन्हें पूरा समय देना चाहते हैं ताकि वापसी बिना किसी जोखिम के हो सके। बेली का संकेत यही है कि प्राथमिकता खिलाड़ी की दीर्घकालिक फिटनेस है—और जरूरत पड़ी तो टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव के विकल्प खुले रखे जाएंगे।
शुरुआती मैचों में टीम संतुलन पर असर
कमिंस की गैरमौजूदगी का सीधा असर ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण और मैचों की रणनीति पर पड़ सकता है। खासकर टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में। ऐसे में टीम मैनेजमेंट की नजर इस बात पर होगी कि दूसरे तेज गेंदबाज किस तरह जिम्मेदारी संभालते हैं और कप्तानी/डेथ ओवर प्लानिंग में कैसे संतुलन बनता है, जब तक कमिंस पूरी तरह फिट होकर मैदान पर नहीं लौटते। ICC T20 World Cup 2026
ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दहलीज पर ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका लगा है। कप्तान और तेज गेंदबाजी की रीढ़ माने जाने वाले पैट कमिंस पीठ की चोट से अब तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, इसलिए वे टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने सोमवार को संकेत दिया कि कमिंस का रिहैब सही दिशा में चल रहा है, लेकिन उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने का कोई इरादा नहीं है। उम्मीद यही है कि हालात अनुकूल रहे तो कमिंस तीसरे या चौथे मुकाबले के आसपास स्क्वॉड से जुड़कर ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी को फिर से धार दे सकते हैं।
चोट क्या है और क्यों बढ़ी चिंता?
कमिंस इस समय लंबर बोन स्ट्रेस इंजरी (कमर/पीठ की हड्डी से जुड़ा स्ट्रेस इश्यू) से उबर रहे हैं। यही समस्या 2025-26 की एशेज सीरीज से पहले सामने आई थी, जिसके कारण वे सीरीज के कई मुकाबलों से बाहर रहे। बीच में उन्होंने रिहैब के बाद वापसी की कोशिश की और एक टेस्ट में प्रभावी प्रदर्शन भी किया, लेकिन टीम के मेडिकल स्टाफ का मानना है कि उनकी पूर्ण फिटनेस में अभी और समय लगेगा। इसी वजह से उन्हें शुरुआती मैचों से दूर रखा जा रहा है।
कमिंस की टाइमलाइन अलग - जॉर्ज बेली
जॉर्ज बेली ने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को लेकर भी अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि जोश हेजलवुड और टिम डेविड भी फिलहाल चयन से बाहर हैं। टिम डेविड को हैमस्ट्रिंग से जुड़ी हल्की समस्या थी, लेकिन वे वर्ल्ड कप की शुरुआत तक फिट होने की दिशा में हैं। हेजलवुड की स्थिति भी लगभग इसी तरह बताई गई। हालांकि, बेली ने स्पष्ट किया कि कमिंस का मामला अलग है वे टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में उपलब्ध नहीं होंगे और यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो तीसरे या चौथे मैच के आसपास टीम में शामिल हो सकते हैं।
क्यों नहीं ले रहा ऑस्ट्रेलिया कोई जोखिम?
ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन कमिंस के मामले में जल्दबाजी नहीं करना चाहता। कमिंस के करियर में पीठ से जुड़ी समस्याओं का इतिहास रहा है, ऐसे में बोर्ड और चयनकर्ता उन्हें पूरा समय देना चाहते हैं ताकि वापसी बिना किसी जोखिम के हो सके। बेली का संकेत यही है कि प्राथमिकता खिलाड़ी की दीर्घकालिक फिटनेस है—और जरूरत पड़ी तो टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव के विकल्प खुले रखे जाएंगे।
शुरुआती मैचों में टीम संतुलन पर असर
कमिंस की गैरमौजूदगी का सीधा असर ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण और मैचों की रणनीति पर पड़ सकता है। खासकर टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में। ऐसे में टीम मैनेजमेंट की नजर इस बात पर होगी कि दूसरे तेज गेंदबाज किस तरह जिम्मेदारी संभालते हैं और कप्तानी/डेथ ओवर प्लानिंग में कैसे संतुलन बनता है, जब तक कमिंस पूरी तरह फिट होकर मैदान पर नहीं लौटते। ICC T20 World Cup 2026












