ऑस्ट्रेलिया की प्लानिंग को झटका: शुरुआती मैचों में नहीं खेलेंगे कमिंस

बीच में उन्होंने रिहैब के बाद वापसी की कोशिश की और एक टेस्ट में प्रभावी प्रदर्शन भी किया, लेकिन टीम के मेडिकल स्टाफ का मानना है कि उनकी पूर्ण फिटनेस में अभी और समय लगेगा। इसी वजह से उन्हें शुरुआती मैचों से दूर रखा जा रहा है।

पैट कमिंस
पैट कमिंस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 04:01 PM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दहलीज पर ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका लगा है। कप्तान और तेज गेंदबाजी की रीढ़ माने जाने वाले पैट कमिंस पीठ की चोट से अब तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, इसलिए वे टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने सोमवार को संकेत दिया कि कमिंस का रिहैब सही दिशा में चल रहा है, लेकिन उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने का कोई इरादा नहीं है। उम्मीद यही है कि हालात अनुकूल रहे तो कमिंस तीसरे या चौथे मुकाबले के आसपास स्क्वॉड से जुड़कर ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी को फिर से धार दे सकते हैं।

चोट क्या है और क्यों बढ़ी चिंता?

कमिंस इस समय लंबर बोन स्ट्रेस इंजरी (कमर/पीठ की हड्डी से जुड़ा स्ट्रेस इश्यू) से उबर रहे हैं। यही समस्या 2025-26 की एशेज सीरीज से पहले सामने आई थी, जिसके कारण वे सीरीज के कई मुकाबलों से बाहर रहे। बीच में उन्होंने रिहैब के बाद वापसी की कोशिश की और एक टेस्ट में प्रभावी प्रदर्शन भी किया, लेकिन टीम के मेडिकल स्टाफ का मानना है कि उनकी पूर्ण फिटनेस में अभी और समय लगेगा। इसी वजह से उन्हें शुरुआती मैचों से दूर रखा जा रहा है।

कमिंस की टाइमलाइन अलग - जॉर्ज बेली

जॉर्ज बेली ने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को लेकर भी अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि जोश हेजलवुड और टिम डेविड भी फिलहाल चयन से बाहर हैं। टिम डेविड को हैमस्ट्रिंग से जुड़ी हल्की समस्या थी, लेकिन वे वर्ल्ड कप की शुरुआत तक फिट होने की दिशा में हैं। हेजलवुड की स्थिति भी लगभग इसी तरह बताई गई। हालांकि, बेली ने स्पष्ट किया कि कमिंस का मामला अलग है वे टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में उपलब्ध नहीं होंगे और यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो तीसरे या चौथे मैच के आसपास टीम में शामिल हो सकते हैं।

क्यों नहीं ले रहा ऑस्ट्रेलिया कोई जोखिम?

ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन कमिंस के मामले में जल्दबाजी नहीं करना चाहता। कमिंस के करियर में पीठ से जुड़ी समस्याओं का इतिहास रहा है, ऐसे में बोर्ड और चयनकर्ता उन्हें पूरा समय देना चाहते हैं ताकि वापसी बिना किसी जोखिम के हो सके। बेली का संकेत यही है कि प्राथमिकता खिलाड़ी की दीर्घकालिक फिटनेस है—और जरूरत पड़ी तो टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव के विकल्प खुले रखे जाएंगे।

शुरुआती मैचों में टीम संतुलन पर असर

कमिंस की गैरमौजूदगी का सीधा असर ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण और मैचों की रणनीति पर पड़ सकता है खासकर टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में। ऐसे में टीम मैनेजमेंट की नजर इस बात पर होगी कि दूसरे तेज गेंदबाज किस तरह जिम्मेदारी संभालते हैं और कप्तानी/डेथ ओवर प्लानिंग में कैसे संतुलन बनता है, जब तक कमिंस पूरी तरह फिट होकर मैदान पर नहीं लौटते। ICC T20 World Cup 2026


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टी20 वर्ल्ड कप पर बांग्लादेश की बढ़ी टेंशन, ICC ने दिया अल्टीमेटम

वहीं ICC ने दो टूक रुख अपनाते हुए 21 जनवरी तक अंतिम फैसला बताने की डेडलाइन दे दी है। तय समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो ICC बांग्लादेश की भागीदारी पर अंतिम निर्णय सुना सकती है।

ICC ने बांग्लादेश की मांग ठुकराई
ICC ने बांग्लादेश की मांग ठुकराई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 01:14 PM
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ICC T20 World Cup : आईसीसी टी20 विश्व कप को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के बीच चला आ रहा गतिरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ICC ने साफ संकेत दे दिए हैं कि बांग्लादेश के ग्रुप मैचों का वेन्यू भारत से बाहर नहीं बदला जाएगा और न ही ग्रुप में किसी तरह की अदला-बदली होगी। ऐसे में अगर बांग्लादेश टीम भारत में खेलने से इनकार करती है, तो उसे टूर्नामेंट से बाहर किए जाने का जोखिम उठाना पड़ सकता है।

ढाका बैठक के बाद ICC की कड़ी लाइन

इस मुद्दे पर दो दिन पहले ढाका में ICC और BCB अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। बांग्लादेश का रुख यह रहा कि वह वर्ल्ड कप खेलेगा, लेकिन उसके मैच भारत से बाहर कराए जाएं। वहीं ICC ने दो टूक रुख अपनाते हुए 21 जनवरी तक अंतिम फैसला बताने की डेडलाइन दे दी है। तय समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो ICC बांग्लादेश की भागीदारी पर अंतिम निर्णय सुना सकती है।

तीन हफ्ते से अटका मामला

बताया जा रहा है कि 4 जनवरी को BCB ने ICC को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि ग्रुप चरण के उसके मुकाबले भारत से बाहर शिफ्ट किए जाएं। बांग्लादेश ग्रुप C में है और उसके सभी ग्रुप मैच भारत में निर्धारित हैं। शुरुआती मुकाबला कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ तय है, इसके बाद उसी वेन्यू पर उसके अगले मैचों का कार्यक्रम है, जबकि एक मुकाबला मुंबई में प्रस्तावित बताया जा रहा है। BCB ने भारत में खेलने से इनकार के पीछे ‘सुरक्षा कारण’ गिनाए हैं। हालांकि, लंबी बातचीत के बावजूद अब तक कोई बीच का रास्ता नहीं निकल पाया है।

‘सुरक्षा चिंता’ पर ICC का जवाब: आधारहीन दावे

रिपोर्ट्स के अनुसार, ICC ने बांग्लादेश द्वारा जताई गई सुरक्षा चिंताओं को ठोस प्रमाण के अभाव में स्वीकार नहीं किया। ICC का कहना है कि भारत में वर्ल्ड कप मैचों को लेकर स्वतंत्र सुरक्षा एजेंसी से आकलन कराया गया है और उसमें किसी भी मेहमान टीम के लिए खतरे जैसी स्थिति सामने नहीं आई। यही नहीं, टूर्नामेंट में शामिल सभी 20 टीमों को सुरक्षा एडवाइजरी भी भेजी जा चुकी है।

बांग्लादेश की जगह कौन?

यदि 21 जनवरी तक BCB अपने फैसले पर कायम रहता है और टीम को भारत भेजने से मना करता है, तो ICC के पास विकल्प के तौर पर रिप्लेसमेंट टीम का रास्ता खुल सकता है। मौजूदा रैंकिंग और समीकरणों के आधार पर स्कॉटलैंड के नाम की चर्चा तेज है हालांकि, अंतिम फैसला ICC की आधिकारिक घोषणा पर ही निर्भर करेगा। ICC T20 World Cup

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IPL कैसे बनी दुनिया की सबसे अमीर T20 लीग? जानिए सफलता का पूरा फॉर्मूला

शहर आधारित फ्रेंचाइज़ी मॉडल, फिल्मी सितारों की भागीदारी और ग्लैमर ने IPL को एक खेल आयोजन से आगे एक ब्रांड बना दिया। यह वही मोड़ था जहां IPL ने बाकी T20 लीग्स से अलग रास्ता चुना।

IPL की चमक के पीछे की रणनीति
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Jan 2026 12:56 PM
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IPL : इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल (IPL) आज सिर्फ एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ऐसा स्पोर्ट्स इकोनॉमिक मॉडल है जिसने दुनिया भर की T20 लीग्स की परिभाषा बदल दी। कुछ ही सालों में आईपीएल ने लोकप्रियता के साथ-साथ ब्रॉडकास्टिंग डील, स्पॉन्सरशिप, फ्रेंचाइज वैल्यू और डिजिटल फैनबेस के दम पर खुद को दुनिया की सबसे प्रभावशाली T20 लीग के रूप में स्थापित कर दिया। असली सवाल यही है कि यह उछाल सिर्फ स्टार खिलाड़ियों और ग्लैमर की वजह से आया, या इसके पीछे एक सधी हुई रणनीति काम कर रही थी? 

2008 में बदली क्रिकेट की दिशा

IPL की शुरुआत 2008 में ऐसे समय हुई जब क्रिकेट पारंपरिक ढांचे में बंधा हुआ था। टेस्ट और वनडे क्रिकेट का दबदबा था, लेकिन तेज़ रफ्तार, कम समय और मनोरंजन से भरपूर क्रिकेट की मांग बढ़ रही थी। BCCI ने इस अवसर को पहचाना और क्रिकेट को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जोड़ दिया। शहर आधारित फ्रेंचाइज़ी मॉडल, फिल्मी सितारों की भागीदारी और ग्लैमर ने IPL को एक खेल आयोजन से आगे एक ब्रांड बना दिया। यह वही मोड़ था जहां IPL ने बाकी T20 लीग्स से अलग रास्ता चुना।

फ्रेंचाइज़ी मॉडल

IPL की आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा कारण इसका फ्रेंचाइज़ी सिस्टम है। टीमों को स्थायी पहचान, स्थानीय दर्शक और ब्रांड वैल्यू मिली। फ्रेंचाइज़ी मालिकों ने टीमों को सिर्फ क्रिकेट यूनिट नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म बिजनेस एसेट के रूप में विकसित किया। टीमों की ब्रांडिंग, मर्चेंडाइज, स्पॉन्सरशिप और डिजिटल उपस्थिति ने उन्हें स्वतंत्र रूप से कमाई करने में सक्षम बनाया। यही मॉडल IPL को बाकी लीग्स से कई कदम आगे ले गया।

मीडिया राइट्स

IPL की सबसे बड़ी कमाई मीडिया अधिकारों से होती है। टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच प्रतिस्पर्धा ने IPL को ऐतिहासिक सौदे दिलाए। लाइव स्ट्रीमिंग, मोबाइल व्यूअरशिप और सोशल मीडिया एंगेजमेंट ने इसकी कीमत को कई गुना बढ़ा दिया। भारत जैसे विशाल बाजार में क्रिकेट की दीवानगी और डिजिटल यूज़र्स की संख्या ने IPL को ब्रॉडकास्टर्स के लिए सबसे सुरक्षित और मुनाफ़ेदार निवेश बना दिया।

खिलाड़ियों की नीलामी

IPL ऑक्शन सिर्फ खिलाड़ियों की खरीद-फरोख्त नहीं, बल्कि एक वैश्विक इवेंट बन चुका है। नीलामी प्रक्रिया ने पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और रोमांच को बढ़ाया। युवा खिलाड़ियों को करोड़पति बनने का मौका मिला, वहीं अंतरराष्ट्रीय सितारों की मौजूदगी ने लीग की वैश्विक अपील को मजबूत किया। यह सिस्टम IPL को लगातार नई कहानियाँ और नई पहचान देता रहा।

मनोरंजन और क्रिकेट का संतुलन

IPL की सफलता का एक बड़ा कारण है क्रिकेट और मनोरंजन का संतुलित मिश्रण। संगीत, चीयरलीडर्स, लाइट शो और सोशल मीडिया कैंपेन ने युवा दर्शकों को खासतौर पर जोड़ा। यह टूर्नामेंट स्टेडियम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मोबाइल स्क्रीन, रील्स और मीम कल्चर का हिस्सा बन गया। यही आधुनिक अप्रोच IPL को नई पीढ़ी से जोड़ती है।

वैश्विक खिलाड़ियों की भागीदारी

IPL ने दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ियों को एक मंच पर लाकर इसे ग्लोबल लीग का दर्जा दिया। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, अफ्रीका और अन्य देशों के खिलाड़ी IPL को अपनी प्राथमिकता मानते हैं। इस अंतरराष्ट्रीय रंग ने लीग की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धा और वैश्विक दर्शक संख्या को कई गुना बढ़ा दिया। IPL

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