घुटने की लगातार समस्या के कारण वह लंबे समय से कोर्ट से बाहर थीं, हालांकि अब तक उन्होंने रिटायरमेंट की औपचारिक घोषणा नहीं की थी। एक पॉडकास्ट में अपने संन्यास पर खुलकर बात करते हुए 35 वर्षीय साइना ने बताया कि उन्होंने करीब दो साल पहले ही खेलना छोड़ दिया था।

Saina Nehwal : भारतीय बैडमिंटन की स्वर्णिम पहचान रहीं ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल ने प्रतिस्पर्धी खेल से संन्यास लेने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। अपने फैसले की पुष्टि करते हुए साइना ने साफ कहा कि अब उनका शरीर एलीट स्तर के खेल की कठिन मांगों को पूरा करने की स्थिति में नहीं है, ऐसे में आगे खेल जारी रखना संभव नहीं रह गया है।
लंदन ओलंपिक 2012 में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाली साइना ने आखिरी बार 2023 में सिंगापुर ओपन में प्रतिस्पर्धी मुकाबला खेला था। इसके बाद से वह पेशेवर बैडमिंटन से दूर नजर आईं। घुटने की लगातार समस्या के कारण वह लंबे समय से कोर्ट से बाहर थीं, हालांकि अब तक उन्होंने रिटायरमेंट की औपचारिक घोषणा नहीं की थी। एक पॉडकास्ट में अपने संन्यास पर खुलकर बात करते हुए 35 वर्षीय साइना ने बताया कि उन्होंने करीब दो साल पहले ही खेलना छोड़ दिया था। उनके मुताबिक, “मुझे लगा कि मैंने अपने तरीके से खेल शुरू किया और अपने तरीके से ही विदा लेना बेहतर होगा, इसलिए अलग से घोषणा करने की जरूरत नहीं समझी। जब आप शारीरिक रूप से आगे खेलने में सक्षम नहीं रहते, तो उसे स्वीकार करना ही सही फैसला होता है।”
साइना ने स्पष्ट किया कि घुटने की गंभीर खराबी और आर्थराइटिस के चलते हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग उनके लिए असंभव हो गई थी। उन्होंने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट्स में कार्टिलेज के पूरी तरह खराब होने की बात सामने आई थी, जिसकी जानकारी उनके माता-पिता और कोच को भी दी गई। साइना ने कहा, “जब आप दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए रोज़ आठ-नौ घंटे ट्रेनिंग करते हैं और घुटना एक-दो घंटे में ही जवाब देने लगे, तो यह बेहद मुश्किल स्थिति होती है। अपने रिटायरमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए साइना ने यह भी कहा कि लोगों को धीरे-धीरे समझ आ ही गया था कि वह अब कोर्ट पर नजर नहीं आ रहीं।
साइना नेहवाल का करियर भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है। वह ओलंपिक में बैडमिंटन का पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं और 2015 में विश्व रैंकिंग में नंबर-1 स्थान तक पहुंचीं। उन्होंने 2008 में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीती, 2009 में इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज खिताब अपने नाम किया और 2010 व 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किए। कॉमनवेल्थ गेम्स में दो एकल स्वर्ण जीतने वाली वह पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी भी रहीं। खेल जगत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया। Saina Nehwal