अब बड़ा सवाल यही है – क्या इस नीलामी में कोई भारतीय स्टार स्मृति मंधाना के रिकॉर्ड 3.40 करोड़ रुपये को पीछे छोड़ पाएगा? आइए उन नामों पर नजर डालते हैं, जिन पर इस बार पैसों की सबसे ज़्यादा बरसात होने की उम्मीद है।

WPL 2026 : महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 का मेगा ऑक्शन 27 नवंबर को नई दिल्ली में दोपहर 3:30 बजे से शुरू होने जा रहा है। इस बार माहौल पहले से कहीं ज्यादा गर्म है, क्योंकि यह ऑक्शन भारत की वर्ल्ड कप जीत के बाद पहली बड़ी नीलामी है। स्वाभाविक है कि विश्व कप में चमकीं भारतीय क्रिकेटर्स पर फ्रेंचाइजियों की खास नजर रहने वाली है। इस बार कुल 277 खिलाड़ियों ने अपना नाम नीलामी के लिए भेजा है, जिनमें 194 भारतीय और 83 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। पांच फ्रेंचाइजी मिलकर अधिकतम 73 स्लॉट भरने की कोशिश करेंगी, जिनमें 50 भारतीय और 23 विदेशी खिलाड़ियों की जगह बची हुई है। रजिस्ट्रेशन सूची में 52 कैप्ड भारतीय, 66 कैप्ड विदेशी, 142 अनकैप्ड भारतीय और 17 अनकैप्ड विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। अब बड़ा सवाल यही है – क्या इस नीलामी में कोई भारतीय स्टार स्मृति मंधाना के रिकॉर्ड 3.40 करोड़ रुपये को पीछे छोड़ पाएगा? आइए उन नामों पर नजर डालते हैं, जिन पर इस बार पैसों की सबसे ज़्यादा बरसात होने की उम्मीद है।
ऑक्शन की चर्चा शुरू होती है तो सबसे पहले नाम रिचा घोष का सामने आता है। भारतीय टीम की स्थापित फिनिशर रिचा टी20 क्रिकेट में 150 से ऊपर के स्ट्राइक रेट के लिए जानी जाती हैं। डेथ ओवर्स में बड़े शॉट खेलने की उनकी क्षमता किसी भी फ्रेंचाइजी के लिए ‘मैच विनिंग पैकेज’ साबित हो सकती है। सिर्फ धमाकेदार बैटिंग ही नहीं, बल्कि विकेटकीपर के तौर पर उनका रोल उन्हें डबल वैल्यू वाला खिलाड़ी बनाता है। टी20 फॉर्मेट में जिस तरह की बहुआयामी खिलाड़ी की जरूरत होती है, रिचा उस खांचे में पूरी तरह फिट बैठती हैं। ऐसे में यह हैरान नहीं करेगा अगर उनके लिए टीमों के बीच जोरदार बोली युद्ध देखने को मिले।
लेफ्ट-आर्म स्पिनर साइका ईशाक ने पिछले कुछ सीज़न में दिखा दिया है कि वह क्यों भविष्य की बड़ी स्टार मानी जाती हैं। खास तौर पर टी20 में मिडल ओवर्स में उनकी गेंदबाजी खेल का रुख मोड़ने की क्षमता रखती है। विकेट निकालने की आदत, कंट्रोल और लगातार एक जैसी लाइन-लेंथ – ये सभी गुण उन्हें नीलामी में बेहद ‘हॉट प्रॉपर्टी’ बना सकते हैं। कई टीमें उन्हें अपने स्पिन अटैक की धुरी बनाने के लिए बड़ी रकम खर्च करने से पीछे नहीं हटेंगी।
टिटस साधू को उभरती हुई तेज गेंदबाज के तौर पर मजबूत पहचान मिल चुकी है। स्विंग, नियंत्रण और नई गेंद से विकेट निकालने की काबिलियत – टी20 में सफल पेसर के लिए जो भी ज़रूरी गुण होते हैं, साधू के पास सब मौजूद हैं। युवा होने के साथ-साथ उनका एग्रेसन और इम्पैक्ट उन्हें फ्रेंचाइजियों के लिए लॉन्ग-टर्म इनवेस्टमेंट बनाता है। डेथ ओवर्स के लिए उन्हें और पैना बनाया जा सकता है, लेकिन पावरप्ले में ब्रेकथ्रू दिलाने की उनकी क्षमता किसी भी टीम के लिए उन्हें आकर्षक विकल्प बनाती है।
जब बात ऑलराउंडर्स की होती है तो श्रेयंका पाटिल का नाम सबसे ऊपर आता है। वह सिर्फ प्रभावी ऑफ-स्पिनर ही नहीं, बल्कि निचले क्रम में उपयोगी रन भी जोड़ती हैं।
टी20 फॉर्मेट में किसी भी टीम को ऐसे खिलाड़ी की तलाश रहती है जो बैट और बॉल दोनों से योगदान दे सके। श्रेयंका पाटिल यही बैलेंस ऑफर करती हैं। उनसे उम्मीद है कि एक से अधिक फ्रेंचाइजी उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के लिए पर्स की रस्सी ढीली कर सकती हैं।
अब नजर डालते हैं उन भारतीय खिलाड़ियों पर, जिन्होंने इससे पहले WPL ऑक्शन में भारी-भरकम रकम दिलवाई है –
यही आंकड़े अब सवाल खड़ा करते हैं – क्या रिचा, साइका, टिटस या श्रेयंका में से कोई स्मृति मंधाना का 3.40 करोड़ वाला रिकॉर्ड तोड़ पाएगा?
ऑक्शन से पहले टीमों ने अपनी रणनीति के मुताबिक कुछ बड़े नामों को रिटेन किया और कुछ को छोड़कर पर्स बढ़ाने का रास्ता चुना।
इन आंकड़ों से साफ है कि UP वॉरियर्स और गुजरात जायंट्स जैसी टीमों के पास बड़ा पर्स और ज्यादा स्लॉट हैं, इसलिए ये टीमें नीलामी में बोली का पूरा खेल बदल सकती हैं।