
नई उपविधि के तहत अब 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर स्थित आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों की भी अनुमति होगी। वहीं, 45 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क पर गगनचुंबी बहुमंजिला इमारतें बनाई जा सकेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बदलाव लाया गया है—अब 7 मीटर चौड़ी सड़क वाले गांवों में उद्योग लगाए जा सकते हैं। सरकार ने एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) को बढ़ाकर और सेटबैक के नियमों को लचीला बनाकर कम भूमि पर अधिक निर्माण को संभव बनाया है। UP News :
सरकार ने छोटे भूखंडों के मालिकों को बड़ी राहत दी है। अब 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय व 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों पर निर्माण के लिए मानचित्र पास कराने की अनिवार्यता नहीं होगी। भूखंड मालिक ऑनलाइन पंजीकरण करके मानचित्र अपलोड कर सकेंगे। यह प्रक्रिया न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि लोगों को विकास प्राधिकरणों की अनावश्यक देरी और भ्रष्टाचार से भी बचाएगी।
भवन उपविधि-2025 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है, जिसे अब जनता से सुझाव और आपत्तियां लेने के लिए सार्वजनिक किया गया है। लोग विभागीय वेबसाइटों या ईमेल के माध्यम से 15 दिनों के भीतर अपने विचार भेज सकते हैं। मई में कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यह उपविधि लागू हो जाएगी और विकास प्राधिकरणों को इसे अपनाना अनिवार्य होगा। इससे भवन निर्माण प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और जनोपयोगी बनने की संभावना है। UP News :