चित्रकूट जेल प्रकरण में अब्बास अंसारी की मुश्किलें क्या फिर बढ़ने वाली हैं ? सुनवाई में अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निकहत समेत सात आरोपियों ने व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र क्यों दिया ?

UP News : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निकहत की अवैध मुलाकात के चर्चित मामले में शुक्रवार को चालक न्याज को अदालत से झटका लगा। बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय ने चालक न्याज की ओर से दाखिल डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। UP News
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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान विधायक अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निकहत, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, जेल कैंटीन संचालक नवनीत सचान और चालक न्याज की ओर से अधिवक्ताओं ने हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। गौरतलब है कि 10 फरवरी 2023 को तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने चित्रकूट जिला जेल में संयुक्त रूप से छापा मारा था। इस दौरान विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत तत्कालीन जेल अधीक्षक के कक्ष में मिली थीं। जांच में सामने आया था कि निकहत नियमों के विपरीत लंबे समय तक जेल परिसर में मौजूद रहती थीं। UP News
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इस मामले में कर्वी कोतवाली में विधायक अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निकहत, चालक न्याज, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, जेल कैंटीन संचालक नवनीत सचान, सपा महामंत्री फराज खान समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। शासन स्तर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की जांच की थी। जांच में आरोप लगाया गया था कि जेल में अब्बास अंसारी को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। इसके बदले जेल अधिकारियों को नकदी और उपहार दिए जाने के भी आरोप सामने आए थे। फिलहाल यह मामला बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में विचाराधीन है। शुक्रवार को चालक न्याज की डिस्चार्ज अर्जी खारिज होने के बाद अब सभी की निगाहें 17 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। UP News
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