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उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित प्रसिद्ध हजरत सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह दरगाह में चढ़ावे और वित्तीय लेनदेन को लेकर लगे गंभीर आरोप हैं। वक्फ विभाग की जांच और जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद दरगाह प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हुए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित प्रसिद्ध हजरत सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह दरगाह में चढ़ावे और वित्तीय लेनदेन को लेकर लगे गंभीर आरोप हैं। वक्फ विभाग की जांच और जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद दरगाह प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हुए हैं। जांच में वित्तीय दस्तावेजों की अनुपलब्धता और नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित करने की मांग तेज कर दी है। हालांकि, चढ़ावे में कथित 100 करोड़ रुपये की अनियमितता के दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। UP News
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जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति ने जब दरगाह कमेटी से पिछले वर्षों के आय-व्यय और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज मांगे तो समिति कथित तौर पर पिछले 10 वर्षों का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सकी। जांच के दौरान नियुक्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। UP News
स्थानीय लोगों और दरगाह से जुड़े कुछ पुराने खादिमों के परिजनों का आरोप है कि पिछले करीब दो दशकों से दरगाह का नियमित ऑडिट नहीं कराया गया। उनका दावा है कि इसी का फायदा उठाकर चढ़ावे की राशि और मेले के दौरान दुकानों के आवंटन में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं की गईं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि चढ़ावे में 100 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी हो सकती है। हालांकि, इस रकम की अब तक किसी सरकारी एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है और यह दावा फिलहाल जांच के दायरे में है। मामले ने तूल तब और पकड़ लिया जब दरगाह के मौजूदा प्रबंधक के खिलाफ पहले से दर्ज गबन के मामलों का भी जिक्र सामने आया। इसे आधार बनाते हुए स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेष जांच दल (SIT) से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही वित्तीय लेनदेन और चढ़ावे से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। UP News
बहराइच स्थित सालार मसूद गाजी दरगाह उत्तर भारत की प्रमुख दरगाहों में शुमार होती है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जायरीन चादर चढ़ाने तथा मन्नत मांगने पहुंचते हैं। पिछले दो वर्षों से राज्य सरकार द्वारा मेले के आयोजन पर रोक लगाए जाने के बावजूद दरगाह पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में खास कमी नहीं आई है। ऐसे में यहां चढ़ावे की राशि भी काफी अधिक मानी जाती है। UP News
जिला प्रशासन का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें वित्तीय रिकॉर्ड और नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेजों को लेकर कई बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आधिकारिक निष्कर्ष आना बाकी है। UP News
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