उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेता अजय राय ने भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए कांग्रेस में बने रहने की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 से भाजपा की ओर से उन्हें अपने साथ लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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UP News : उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय राय ने भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कांग्रेस में बने रहने की बात कही है। उन्होंने इन चर्चाओं को अफवाह बताते हुए कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और पार्टी का साथ नहीं छोड़ेंगे। अजय राय ने यह भी दावा किया कि उन्हें वर्ष 2014 से भाजपा की ओर से अपने पाले में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि बसपा प्रमुख मायावती ने भी उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने कांग्रेस का साथ चुना। UP News :
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अजय राय ने भाजपा में जाने की चर्चाओं को खारिज करते हुए कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें पहचान, सम्मान और जिम्मेदारियां दी हैं। उनके लिए पद से ज्यादा पार्टी महत्वपूर्ण है। अजय राय के मुताबिक, राजनीतिक जीवन में पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन वह कांग्रेस के साथ बने रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से ही भाजपा की ओर से उन्हें अपने साथ लाने के प्रयास किए जाते रहे हैं। उनके अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें भाजपा में शामिल करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, इन दावों पर भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अजय राय ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 1996 में पहली बार पिंडरा सीट से विधायक चुने जाने के समय वह विधानसभा के सबसे कम उम्र के विधायकों में शामिल थे। उस समय उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार थी। अजय राय का दावा है कि बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती के कहने पर उनसे कई बार फोन के जरिए संपर्क किया और मुलाकात करने को कहा था। अजय राय के मुताबिक, निर्दलीय विधायक होने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस के साथ जुड़ने का फैसला किया और तभी से पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। उन्होंने कहा कि मंत्री पद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां मिलने के बावजूद उनके लिए संगठन सर्वोपरि रहा है। UP News :
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अजय राय ने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने वाराणसी की पिंडरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की बात कही और दावा किया कि इस बार वह भाजपा को हराकर विधानसभा पहुंचेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि पिंडरा क्षेत्र के लोगों से उनका पुराना जुड़ाव है और उन्हें जनता के समर्थन पर भरोसा है। उन्होंने भाजपा पर युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया।
अजय राय ने भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी दूसरे दलों के नेताओं को अपने साथ लाने के लिए प्रलोभन देती है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास भी लंबे समय से भाजपा में शामिल होने के प्रयास किए जाते रहे हैं। अजय राय ने कहा कि कांग्रेस में उन्हें जो प्यार और समर्थन मिला है, उसके बाद किसी दूसरी पार्टी में जाने का सवाल नहीं उठता। फिलहाल उनके बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है। UP News :
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