अखिलेश यादव का कहना है कि मौजूदा सरकार ने देश के लगभग 500 अरब डॉलर के विशाल उपभोक्ता बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोल दिया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इसे समझौता कहना ठीक नहीं, बल्कि यह देशी उद्योगों के लिए दी गई ढील जैसा है।

UP News : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस मेक इन इंडिया पहल को देश की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया गया था, वह अब अपना असर खोती नजर आ रही है।
अखिलेश यादव का कहना है कि मौजूदा सरकार ने देश के लगभग 500 अरब डॉलर के विशाल उपभोक्ता बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोल दिया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इसे समझौता कहना ठीक नहीं, बल्कि यह देशी उद्योगों के लिए दी गई ढील जैसा है। उन्होंने सरकार की नीतियों में विरोधाभास गिनाते हुए कहा कि एक ओर सार्वजनिक स्थानों और हवाई अड्डों पर मोटे अनाज को बढ़ावा देने के प्रचार किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इन्हीं उत्पादों का आयात किया जा रहा है, जिससे देश के किसानों को नुकसान हो रहा है।
अखिलेश यादव ने पशु आहार के आयात पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे स्थानीय अनुसंधान संस्थानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लग रहा है। उन्होंने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि दुग्ध उत्पादन से जुड़े पिछड़े और दलित समुदायों की आजीविका पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, जबकि सरकार विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचाने में जुटी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सरकार से रोजगार, महंगाई और व्यापार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सवाल पूछे जाते हैं, तो जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐतिहासिक और वैचारिक विषयों को चर्चा में लाया जाता है, ताकि वर्तमान समस्याओं पर जवाबदेही से बचा जा सके।