समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आखिरकार परिवार के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन कब करने जा रहे हैं ? क्या 12 दिसंबर 2026 को अखिलेश यादव अपनी पत्नी डिंपल यादव और बेटे-बेटी के साथ राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचेंगे ?

UP News : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 दिसंबर को परिवार के साथ अयोध्या पहुंचेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, वह पत्नी डिंपल यादव और अपने बेटे-बेटी के साथ राम मंदिर में भगवान श्रीरामलला के दर्शन करेंगे। इस दौरान अखिलेश यादव हनुमानगढ़ी में भी माथा टेकेंगे और अयोध्या के संत-महात्माओं से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेंगे। सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे की जानकारी दी है। उनके मुताबिक, सपा प्रमुख सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर दर्शन करेंगे। इसके बाद राम जन्मभूमि मंदिर जाकर रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। अखिलेश यादव का पूरा दिन अयोध्या में बिताने का कार्यक्रम है।
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पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने बताया कि अखिलेश यादव का यह दौरा धार्मिक कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित है। इस दौरान वह अयोध्या के पूज्य संतों और महंतों से मुलाकात करेंगे। परिवार के साथ संतों का आशीर्वाद लेने और प्रसाद ग्रहण करने का भी कार्यक्रम है। पवन पांडेय के अनुसार, दौरे को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह है और अयोध्या में उनका स्वागत किया जाएगा।
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अखिलेश यादव के राम मंदिर में दर्शन के लिए अब तक नहीं जाने का मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं में रहा है। भाजपा नेताओं और कुछ हिंदूवादी संगठनों की ओर से इस विषय पर सपा प्रमुख की आलोचना की जाती रही है। पिछले दिनों अयोध्या दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने पार्टी नेता पवन पांडेय को राम मंदिर दर्शन की तारीख तय करने की जिम्मेदारी दी थी। अब पवन पांडेय ने 12 दिसंबर की तारीख की जानकारी दी है।
अखिलेश यादव के राम मंदिर जाने की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। भाजपा नेताओं की ओर से इस दौरे को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ भाजपा नेताओं का कहना है कि मंदिर दर्शन का कार्यक्रम पहले बनाया जाना चाहिए था। वहीं समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि धार्मिक आस्था व्यक्तिगत विषय है और इसे चुनावी राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि पूजा-पाठ और दर्शन का संबंध व्यक्ति की निजी श्रद्धा से है। फिलहाल, अखिलेश यादव का 12 दिसंबर को परिवार के साथ अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
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