अयोध्या के भव्य दीपोत्सव 2026 में इस बार क्या खास होने जा रहा है ? क्या देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पहली बार अयोध्या पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ भगवान श्रीरामलला की आरती करेंगे ?

UP News : भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार है। दीपोत्सव के दसवें संस्करण में शनिवार, 7 नवंबर को देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल होंगे। वह राम मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ भगवान श्रीरामलला की आरती करेंगे। इस खास आयोजन को लेकर रामनगरी में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुरक्षा से लेकर सजावट तक हर व्यवस्था को विशेष रूप दिया गया है। दीपोत्सव 2026 में पहली बार अयोध्या पहुंच रहे उपराष्ट्रपति के स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजन में उत्तर प्रदेश के एक उपमुख्यमंत्री और पांच मंत्रियों के भी शामिल होने की संभावना है। इस बार राम की पैड़ी पर करीब 30 लाख दीप जलाने की तैयारी है। वहीं, राम मंदिर परिसर भी एक लाख दीपों से रोशन होगा। दीपों की इस भव्य सजावट के जरिए एक बार फिर नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।
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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में शनिवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ भगवान श्रीरामलला की आरती करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आरती दोपहर 2:30 बजे से 3 बजे के बीच होगी। इस पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंददेव गिरि उपराष्ट्रपति का स्वागत करेंगे। ट्रस्ट की धार्मिक समिति के पांच संत भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले और मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित रहेंगे।
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अयोध्या के दीपोत्सव में इस बार भी बड़े पैमाने पर दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी की गई है। राम की पैड़ी पर करीब 30 लाख दीप जलाए जाएंगे। वहीं, श्रीराम मंदिर परिसर में लगभग एक लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मंदिर परिसर में दीप जलाने की जिम्मेदारी ट्रस्ट की व्यवस्थाओं से जुड़े कर्मचारियों और श्रद्धालुओं को सौंपी गई है। दीपोत्सव के तीन दिवसीय आयोजन यानी 7, 8 और 9 नवंबर में राम मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिजनों की भी भागीदारी रहेगी। इनकी कुल संख्या करीब 3,500 बताई गई है। मंदिर परिसर में दीप प्रज्ज्वलन के लिए ट्रस्ट की व्यवस्थाओं से जुड़े लगभग 1,500 श्रद्धालुओं को जिम्मेदारी दी गई है।
दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में सजावट का काम भी तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले रामकथा पार्क की ओर जाने वाले मार्ग को रंग-बिरंगी रंगोलियों से सजाया जा रहा है। सड़क पर कमल के फूल, मंगल कलश, स्वस्तिक और पारंपरिक दीपों की आकर्षक आकृतियां बनाई जा रही हैं। इसी सजे हुए मार्ग से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामकथा पार्क स्थित मुख्य आयोजन स्थल तक पहुंचेंगे। रामनगरी में जगह-जगह की जा रही सजावट दीपोत्सव की भव्यता को और बढ़ा रही है।
उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त की गई है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रामकथा पार्क तक उपराष्ट्रपति के काफिले का रिहर्सल भी किया गया है। पूरे अयोध्या धाम क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के मुताबिक, प्रमुख आयोजन स्थलों, मंदिरों और रामलीला स्थलों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ, एसडीआरएफ और एटीएस कमांडो भी तैनात रहेंगे।
अयोध्या में 7 से 9 नवंबर तक चलने वाले दीपोत्सव के लिए देश और दुनिया से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। राम मंदिर परिसर से लेकर राम की पैड़ी और रामकथा पार्क तक विशेष तैयारियां की गई हैं। उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होने वाला श्रीरामलला का आरती कार्यक्रम इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाती रामनगरी एक बार फिर देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और संस्कृति का बड़ा केंद्र बनने जा रही है।ी
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