प्रमुख रूप से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा और आशुतोष ब्रह्मचारी के बीच आरोप प्रत्यारोप का मामला सामने आया है।

UP News : इस खबर में प्रमुख रूप से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा और आशुतोष ब्रह्मचारी के बीच आरोप प्रत्यारोप का मामला सामने आया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया को एक फोटो दिखाई, जिसमें अजय पाल शर्मा केक काटते हुए नजर आ रहे हैं और आशुतोष ब्रह्मचारी उनके पास खड़े हैं। स्वामी का आरोप है कि 18 जनवरी (मौनी अमावस्या) से ही प्रशासन और पुलिस उनके खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। उनका कहना है कि पॉक्सो जैसे मामलों में तुरंत एफआईआर का प्रावधान है, फिर भी पुलिस ने सीधे मामला दर्ज न करके कोर्ट के आदेश से एफआईआर कराई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरी प्रशासनिक मशीनरी उन्हें गौ रक्षा अभियान से पीछे हटाने के लिए दबाव बना रही है।
दूसरी ओर, आशुतोष महाराज की ओर से कहा गया है कि यह तस्वीर एआई जनरेटेड (कृत्रिम रूप से बनाई गई) है और वास्तविक नहीं है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी आरोप लगाया कि सहारनपुर के एक परिवार को उकसाकर उन पर झूठा आरोप लगाने के बदले आर्थिक मदद का प्रस्ताव दिया गया।
पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। आशुतोष महाराज का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और कोर्ट ने सबूतों के आधार पर ही मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के बीच उलझा हुआ है। एक पक्ष फोटो के जरिए प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष फोटो को एआई जनरेटेड बता रहा है। अंतिम सच्चाई अदालत की प्रक्रिया और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। UP News