अयोध्या में 7 नवंबर को आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव को लेकर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। भगवान श्रीराम की नगरी में दीपोत्सव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए करीब 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

UP News : भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में दीपोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दीपों की रोशनी से रामनगरी को जगमगाने की तैयारी के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पूरे अयोध्या क्षेत्र में सुरक्षा का विशेष घेरा तैयार किया गया है। दीपोत्सव के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए करीब 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में 45 क्षेत्राधिकारी (CO) के साथ RAF और PAC की कंपनियों को भी लगाया गया है। रामनगरी के प्रमुख धार्मिक स्थलों, आयोजन स्थलों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की विशेष निगरानी रहेगी।
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सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए अयोध्या धाम क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी दो पालियों में लगाई गई है, ताकि पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था लगातार बनी रहे। सुरक्षा में 20 अपर पुलिस अधीक्षक (ASP), 45 पुलिस उपाधीक्षक (CO), 120 निरीक्षक, 450 उपनिरीक्षक और 400 महिला आरक्षियों सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। इसके अतिरिक्त यातायात व्यवस्था संभालने के लिए भी अलग से पुलिस बल तैनात किया गया है।
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दीपोत्सव में लाखों लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में विशेष बलों को भी शामिल किया गया है। पीएसी की नौ कंपनियों और बाढ़ राहत पीएसी की एक कंपनी के साथ आरएएफ की तीन कंपनियां तैनात रहेंगी। एसडीआरएफ और एटीएस की टीमें भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगी। इसके अलावा बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वायड और संदिग्ध वस्तुओं की जांच करने वाली विशेष टीमों को भी सक्रिय किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और रिजर्व पुलिस बल की व्यवस्था भी की गई है।
अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से भी मजबूत बनाया गया है। प्रमुख स्थानों और आयोजन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। प्रवेश द्वारों पर चेकिंग और तलाशी की व्यवस्था रहेगी। राम की पैड़ी क्षेत्र में प्रवेश के लिए विशेष पास और क्यूआर कोड आधारित पहचान व्यवस्था भी लागू की गई है।
दीपोत्सव के मुख्य आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए रामपथ और धर्मपथ पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रखने का निर्णय लिया गया है। प्रमुख मार्गों पर पुलिस और यातायात कर्मियों की तैनाती रहेगी। श्रद्धालुओं के आवागमन, पार्किंग और प्रवेश-निकास के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
इस वर्ष अयोध्या में दसवें दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 7 नवंबर को सरयू नदी के 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीप जलाने की तैयारी है। राम की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर स्वयंसेवक दीप सजाने में जुटे हैं। इस भव्य आयोजन में देशभर से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
दीपोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का एक बड़ा उत्सव भी है। ऐसे में अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि भगवान श्रीराम की नगरी में दीपोत्सव का आयोजन श्रद्धा, उल्लास और शांति के वातावरण में संपन्न हो।
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