विज्ञापन
राम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तत्काल सुनवाई से साफ इनकार कर दिया है।

UP News : राम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तत्काल सुनवाई से साफ इनकार कर दिया है। अवकाशकालीन पीठ के न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय ने सोमवार को स्पष्ट किया कि इस मामले में ऐसी कोई तात्कालिक परिस्थिति नहीं है, जिसके आधार पर इसे सामान्य सूची से हटाकर प्राथमिकता दी जाए। UP News
यह भी पढ़े : पूर्वांचल और नोएडा में बारिश की संभावना, मध्य और पश्चिमी यूपी में भीषण गर्मी का बोलबाला
जरूर पढ़े : ब्राह्मणों को लेकर मायावती का बड़ा बयान
अदालत में याचिकाकर्ता मोहित अशोक की ओर से मामले का उल्लेख करते हुए शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया गया था। हालांकि पीठ ने यह कहते हुए आग्रह खारिज कर दिया कि न्यायालय के समक्ष पहले से ही बड़ी संख्या में लंबित मामलों का दबाव है और ऐसे में किसी एक याचिका को विशेष प्राथमिकता देना उचित नहीं होगा। अदालत ने यह भी मौखिक रूप से संकेत दिया कि राज्य सरकार पहले ही इस मामले में संज्ञान ले चुकी है और आवश्यक प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं, इसलिए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं बनती। गौरतलब है कि सोमवार को खंडपीठ के समक्ष कुल 529 नए मामले सूचीबद्ध थे, जबकि यह जनहित याचिका वाद सूची में क्रम संख्या 392 पर पहले से दर्ज है। अब यह मामला निर्धारित क्रम के अनुसार ही सुनवाई के लिए आएगा। UP News
याचिका में आरोप लगाया गया है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे की राशि के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताएं और गड़बड़ियां हुई हैं। याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने के साथ-साथ भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से ऑडिट कराए जाने की भी मांग की है। याचिका में यह तर्क दिया गया है कि मंदिर निधि के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है। हालांकि अदालत ने इस स्तर पर मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया और केवल सुनवाई की प्राथमिकता के मुद्दे पर ही अपना आदेश दिया। UP News
इधर, राम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन और अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अंतिम चरण में तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, टीम सोमवार तक यह रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। जांच प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का स्टाफ रविवार को भी राम जन्मभूमि परिसर स्थित पीएफसी में सक्रिय रहा और बयान दर्ज करने तथा रिकॉर्ड में सुधार से जुड़े कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। बताया जा रहा है कि जिन लोगों के बयान पहले दर्ज किए गए थे, उनमें किसी भी त्रुटि या अस्पष्टता को दूर करने के लिए उन्हें दोबारा बुलाकर पुनः बयान दर्ज किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बाद जांच टीम का एक सदस्य या अधिकृत अधिकारी इसे लेकर लखनऊ रवाना होगा, जिसके बाद यह रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई शासन के निर्देश पर तय होगी, जिसमें प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। इस मामले पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदेन सदस्य एवं भवन निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने संकेत दिया कि घटना को लेकर उच्च स्तर पर गंभीरता बरती जा रही है और आवश्यक सूचनाएं संबंधित एजेंसियों से साझा की जा रही हैं। UP News
विज्ञापन