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उत्तर प्रदेश में राम मंदिर से चढ़ावा चोरी का मामला बहुत बड़ा होता जा रहा है। इस मामले की जांच में जुटी हुई SIT की जांच रिपोर्ट किसी भी समय सामने आ सकती है। इस दौरान राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में चेतना मंच को एक बड़ी जानकारी मिली है।

UP News : उत्तर प्रदेश में राम मंदिर से चढ़ावा चोरी का मामला बहुत बड़ा होता जा रहा है। इस मामले की जांच में जुटी हुई SIT की जांच रिपोर्ट किसी भी समय सामने आ सकती है। इस दौरान राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में चेतना मंच को एक बड़ी जानकारी मिली है। यह जानकारी राम मंदिर के अंदर काम करने वाले एक विश्वसनीय सूत्र ने दी है। हमारे इस सूत्र का दावा है कि मैं यह कंफर्म कर सकता हूं कि राम मंदिर के चढ़ावे में से 60 किलो चाँदी तथा 20 किलो सोना गायब है। UP News
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चेतना मंच को मिली जानकारी से पता चला है कि राम मंदिर के चढ़ावे में से 30 किलो चाँदी चोरी गई है। तीस किलो चाँदी 6000 तोले होती है। वर्तमान में चाँदी का भाव 25 हजार रूपए तोला है। इस प्रकार 60 किलो चाँदी की कीमत डेढ़ करोड़ रूपए बनती है। सूत्र के अनुसार 20 किलो सोने की चोरी हुई है। 20 किलो सोना दो हजार तोले के बराबर होता है। वर्तमान में सोने का भाव एक लाख 46 हजार रूपए प्रति तोला है। इस प्रकार चोरी गए 20 किलो सोने की कीमत 29 करोड़ 20 लाख रूपए बनती है। इस प्रकार सोना तथा चाँदी मिलाकर 30 करोड़, 70 लाख रूपए की चोरी हुई है। सोना तथा चाँदी के अलावा करोड़ों रूपए की नगदी भी चोरी हुई है। सूत्र का दावा है कि मंदिर से चोरी की गई नगदी सैकड़ों करोड़ रूपए की है। UP News
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राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के कारण राम मंदिर के चढ़ावे में भारी गिरावट होनी शुरू हो गई है। राम मंदिर के अंदर से मिले आंकड़ों के अनुसार राम मंदिर में कुछ समय पहले तक प्रतिदिन लगभग 15 लाख रुपये तक पहुंचने वाला चढ़ावा अब घटकर करीब 5 लाख रुपये प्रतिदिन रह गया है। यानी मंदिर को मिलने वाले दान में लगभग 72 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस गिरावट को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि चढ़ावा चोरी की खबरों के कारण भक्तों ने चढावा चढाना बंद कर दिया है। UP News
राम मंदिर में चढ़ावे और दान प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच टीम ने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की है। कई कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की गई है। जांच के पहले चरण के पूरा होने के बाद ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों को अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। UP News
धार्मिक मामलों के जानकारों का मानना है कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। ऐसे में दान और चढ़ावे को लेकर किसी भी प्रकार के विवाद का सीधा असर श्रद्धालुओं के विश्वास पर पड़ता है। चढ़ावे में आई 72 प्रतिशत गिरावट को इसी भरोसे में आई कमी के रूप में देखा जा रहा है। राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। विपक्षी दल लगातार सरकार और ट्रस्ट से जवाब मांग रहे हैं। कई नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि यदि किसी के पास सबूत हैं तो उन्हें एसआईटी को उपलब्ध कराया जाए और जांच पूरी होने तक धैर्य रखा जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि "दूध का दूध और पानी का पानी" किया जाएगा। UP News
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अयोध्या और राम मंदिर भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी वैचारिक उपलब्धियों में से एक रहे हैं। ऐसे में यदि चढ़ावे और दान प्रबंधन से जुड़े आरोपों को लेकर विवाद लंबा खिंचता है तो यह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। विपक्ष इस मामले को पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है, जबकि भाजपा और सरकार जांच रिपोर्ट आने तक इंतजार करने की बात कह रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है। UP News
राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या SIT जांच के बाद श्रद्धालुओं का विश्वास फिर से पूरी तरह बहाल हो पाएगा? और क्या दान में आई भारी गिरावट दोबारा पहले जैसी स्थिति में लौट सकेगी? फिलहाल पूरे उत्तर प्रदेश की नजर इस जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है। UP News
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