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राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, रामाशंकर मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और मनीष यादव सहित कई संदिग्धों के आवासों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

UP News : राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, रामाशंकर मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और मनीष यादव सहित कई संदिग्धों के आवासों पर तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने परिजनों से लंबी पूछताछ करते हुए वित्तीय दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और पहचान संबंधी कागजात अपने कब्जे में लिए। UP News
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छापेमारी के दौरान पुलिस टीमों ने आरोपियों के परिजनों से गहन पूछताछ की और उनके बैंक खातों, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला। रामाशंकर मिश्रा के परिवार से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई, जिसमें उनके पिता और भाभी से भी विस्तृत सवाल-जवाब हुए। सूत्रों के अनुसार, रामाशंकर मिश्रा पिछले दो वर्षों से अपने पैतृक घर में नहीं रह रहा था और किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस पहले ही उसे गिरफ्तार कर चुकी है और उसके पास से संदिग्ध रकम की बरामदगी भी हो चुकी है। पुलिस ने इस मामले में लगभग 10 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ दबिश दी। गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है, जबकि जांच टीम उनके वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के स्रोतों की गहराई से जांच कर रही है। मिल्कीपुर ग्रामीण क्षेत्र में अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के पैतृक आवासों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया, जहां से कुछ अहम दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। UP News
वहीं टिन्नू यादव के परिजनों ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। उनकी बहन ने दावा किया कि टिन्नू का व्यवहार हमेशा सामान्य और सामाजिक रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस पहले भी उनके घर पर तलाशी ले चुकी है और अब दोबारा कार्रवाई की गई है। वहीं टिन्नू के भतीजे मनीष यादव के घर पर भी पुलिस ने तलाशी ली, जहां घर बंद मिला था। बाद में परिजनों की मौजूदगी में ताला खुलवाकर जांच की गई। यहां से करीब दो लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद होने की बात सामने आई है। UP News
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे चंदा गबन मामले में अब तक लगभग 79 लाख 85 हजार रुपये की नकदी बरामद की जा चुकी है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह रकम अलग-अलग माध्यमों से छिपाई गई थी और इसका नेटवर्क कई स्तरों पर फैला हो सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लवकुश मिश्रा ने हाल ही में करीब 1.10 लाख रुपये की एक बाइक खरीदी थी, जिसका भुगतान नकद में किया गया था। इस पर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह रकम भी संदिग्ध स्रोत से आई थी। पड़ोसियों का कहना है कि वह किराए के मकान में रहता था और मंदिर में काउंटिंग से जुड़े काम में शामिल था। UP News
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