सिंगापुर में CM योगी को मिली बड़ी सफलता, जेवर का होने जा रहा है फायदा

इस समझौते का फोकस सिर्फ निवेश लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीतिगत ढांचे, संस्थागत क्षमता और प्रशासनिक सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत करने पर है, ताकि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए दीर्घकालिक और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारी का स्पष्ट रोडमैप तैयार हो सके।

सिंगापुर में CM योगी का निवेश मिशन
सिंगापुर में CM योगी का निवेश मिशन
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 04:06 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों सिंगापुर दौरे पर है। सिंगापुर दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निवेश मिशन अब ठोस नतीजों के साथ आगे बढ़ता दिख रहा है। दौरे के दूसरे दिन इन्वेस्ट उत्तर प्रदेश और सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (SCE) के बीच एक महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसे उत्तर प्रदेश के गवर्नेंस और इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस समझौते का फोकस सिर्फ निवेश लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीतिगत ढांचे, संस्थागत क्षमता और प्रशासनिक सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत करने पर है, ताकि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए दीर्घकालिक और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारी का स्पष्ट रोडमैप तैयार हो सके।

उत्तर प्रदेश के लिए ‘सिस्टम स्ट्रेंथ’ वाला MoU

इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश और SCE मिलकर स्टडी विजिट, लीडरशिप डेलिगेशन, ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग जैसे कार्यक्रम तैयार करेंगे और उन्हें लागू भी कराएंगे। योजना यह है कि उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में स्किल अपग्रेड, वर्क-एफिशिएंसी और नीति-क्रियान्वयन की गुणवत्ता को बेहतर किया जाए। MoU में यह भी प्रावधान है कि दोनों पक्ष मिलकर तकनीकी सहयोग की परियोजनाएं तैयार करेंगे, उन पर सलाह व मार्गदर्शन देंगे और जरूरत के मुताबिक सरकारी व निजी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों व संस्थाओं का सहयोग भी जुटाया जाएगा।

जेवर एयरपोर्ट को मिले दो मेगा प्रोजेक्ट्स

इसी दिन उत्तर प्रदेश के लिए एविएशन सेक्टर से जुड़ी एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई। उत्तर प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट सर्विस इंडस्ट्री की अग्रणी कंपनी AISATS (एआई सैट्स) के साथ एक अहम MoU साइन किया है। इस करार के तहत गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो हाई-इम्पैक्ट परियोजनाएं आकार लेंगी। कंपनी इन दोनों प्रोजेक्ट्स में कुल 4458 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, एयर कार्गो और एविएशन सपोर्ट सर्विसेज का इकोसिस्टम नई रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश को मिलेगा नॉर्थ इंडिया का नया कार्गो इंजन

MoU के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट परिसर में बनने वाला कार्गो कैंपस उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में कदम माना जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश की निर्यात-आयात गतिविधियों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और कृषि उत्पाद जैसे सेक्टर को इससे सीधा फायदा मिल सकता है। AISATS के निवेश का दूसरा बड़ा हिस्सा एयर कैटरिंग किचेन है। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगी। योजना यह भी है कि यहां तैयार सुविधाओं का लाभ उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य एयरपोर्ट्स तक भी पहुंच सके, जिससे क्षेत्रीय एविएशन इकोसिस्टम को सपोर्ट मिले। UP News

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष ब्रह्मचारी की अजय पाल शर्मा के साथ फोटो दिखाई

प्रमुख रूप से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा और आशुतोष ब्रह्मचारी के बीच आरोप प्रत्यारोप का मामला सामने आया है।

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अजय पाल शर्मा केक काटते हुए नजर आ रहे हैं और आशुतोष ब्रह्मचारी उनके पास खड़े हैं
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar24 Feb 2026 03:36 PM
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UP News : इस खबर में प्रमुख रूप से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा और आशुतोष ब्रह्मचारी के बीच आरोप प्रत्यारोप का मामला सामने आया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया को एक फोटो दिखाई, जिसमें अजय पाल शर्मा केक काटते हुए नजर आ रहे हैं और आशुतोष ब्रह्मचारी उनके पास खड़े हैं। स्वामी का आरोप है कि 18 जनवरी (मौनी अमावस्या) से ही प्रशासन और पुलिस उनके खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। उनका कहना है कि पॉक्सो जैसे मामलों में तुरंत एफआईआर का प्रावधान है, फिर भी पुलिस ने सीधे मामला दर्ज न करके कोर्ट के आदेश से एफआईआर कराई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरी प्रशासनिक मशीनरी उन्हें गौ रक्षा अभियान से पीछे हटाने के लिए दबाव बना रही है।

एआई जनरेटेड फोटो का दावा

दूसरी ओर, आशुतोष महाराज की ओर से कहा गया है कि यह तस्वीर एआई जनरेटेड (कृत्रिम रूप से बनाई गई) है और वास्तविक नहीं है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी आरोप लगाया कि सहारनपुर के एक परिवार को उकसाकर उन पर झूठा आरोप लगाने के बदले आर्थिक मदद का प्रस्ताव दिया गया।

कानूनी स्थिति

पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। आशुतोष महाराज का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और कोर्ट ने सबूतों के आधार पर ही मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के बीच उलझा हुआ है। एक पक्ष फोटो के जरिए प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष फोटो को एआई जनरेटेड बता रहा है। अंतिम सच्चाई अदालत की प्रक्रिया और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। UP News


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LU कैंपस में नमाज को लेकर विरोध तेज, हनुमान चालीसा पाठ से गरमाया माहौल

छात्रों का कहना है कि जब लाल बारादरी के आसपास नमाज पढ़ी गई और इफ्तार का आयोजन हुआ, तब कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन चालीसा पाठ पर पुलिस-प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया।

लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस में बढ़ा तनाव
लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस में बढ़ा तनाव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 02:16 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय का माहौल लगातार तीसरे दिन भी तनावपूर्ण बना हुआ है। ऐतिहासिक लाल बारादरी के आसपास धार्मिक गतिविधियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दो छात्र गुटों के आमने-सामने आने तक पहुंच गया है। मंगलवार को मुस्लिम छात्रों द्वारा नमाज पढ़ने और इफ्तार आयोजन के विरोध में दूसरे गुट के छात्र हनुमान चालीसा पाठ के लिए पहुंचे, जिसके बाद परिसर में हंगामा बढ़ गया।

चालीसा पाठ शुरू होते ही पुलिस ने रोका

सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम पहुंच गई। जैसे ही छात्रों ने हनुमान चालीसा पाठ शुरू किया, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। आरोप है कि कई छात्रों को पकड़कर वाहनों में बैठाया गया। इसके बाद परिसर में नारेबाजी, धक्का-मुक्की और हंगामा शुरू हो गया। छात्रों का कहना है कि जब लाल बारादरी के आसपास नमाज पढ़ी गई और इफ्तार का आयोजन हुआ, तब कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन चालीसा पाठ पर पुलिस-प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया। छात्रों का यह भी दावा है कि पाठ से पहले उन्होंने एक पोस्टर जारी किया था, जिसमें कैंपस “शुद्धीकरण” जैसी बात लिखी थी जिसे लेकर विवाद और बढ़ गया।

सोमवार को भी बिगड़ा था माहौल

इससे पहले सोमवार को भी लखनऊ विश्वविद्यालय में माहौल तनावपूर्ण रहा। रविवार दोपहर से लाल बारादरी क्षेत्र में एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और मुस्लिम समुदाय से जुड़े विद्यार्थियों के एक गुट ने नमाज पढ़ी और इफ्तार किया था। इसके बाद सोमवार को दूसरा गुट भी मैदान में उतर आया। छात्र नेता जतिन शुक्ला की अगुवाई में दर्जनों छात्र प्रदर्शन कर रहे समूह के करीब पहुंचे और “जय श्रीराम” व “जय भवानी” के नारे लगाए। इससे कैंपस में तनाव बढ़ गया। जतिन शुक्ला ने आरोप लगाया कि लाल बारादरी जैसी ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचाया गया है और सड़क/परिसर में धार्मिक आयोजन करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर मांग की कि धरोहर को क्षति पहुंचाने के मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस विवाद के बीच कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भी मामले पर सामने आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि कैंपस को “नफरत की प्रयोगशाला” न बनने दिया जाए और संबंधित स्थान को छात्रों के लिए खोला जाए, ताकि पढ़ाई का माहौल प्रभावित न हो।

विश्वविद्यालय परिसर बना छावनी

उत्तर प्रदेश की इस बड़ी शैक्षणिक संस्था में हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासनिक भवन से लेकर लाल बारादरी तक पुलिस की तैनाती और आवाजाही लगातार बनी रही। इसी बीच छात्रों ने लाल बारादरी से प्रशासनिक भवन तक मार्च करने की कोशिश भी की, जिसे पुलिस अधिकारियों ने समझाने और नियंत्रित करने का प्रयास किया। UP News

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