बांदा में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। 16 से 30 नवंबर तक घर बैठे ऑनलाइन स्व-गणना कर सकेंगे लोग। जानिए आधिकारिक पोर्टल, SE-ID, घर-घर सर्वे की तारीख और हेल्पलाइन नंबर।

UP News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना की प्रक्रिया में आम लोगों को भी सीधे भागीदारी का अवसर मिलेगा। जिले के निवासी 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से अपनी स्व-गणना कर सकेंगे। इसके लिए प्रशासन की ओर से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को एक विशेष एसई-आईडी (SE-ID) मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी होगा। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से सरकारी प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनगणना का कार्य शुरू करेंगे। जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय जनगणना समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में कर्मचारियों के प्रशिक्षण, ऑनलाइन स्व-गणना, प्रचार-प्रसार और निगरानी व्यवस्था पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना के दौरान किसी भी परिवार या व्यक्ति का नाम छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बांदा जिले के लोग 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक आधिकारिक जनगणना पोर्टल पर जाकर अपनी स्व-गणना कर सकेंगे। इसके लिए मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऑनलाइन स्व-गणना के लिए आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in पर जाना होगा। पोर्टल पर मांगी गई जानकारी भरने के बाद प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद एक एसई-आईडी जारी की जाएगी। इसे सुरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि घर पहुंचने वाले प्रगणक के समय इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।
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स्व-गणना की समयसीमा समाप्त होने के बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे। इस दौरान परिवारों से निर्धारित जानकारी जुटाई जाएगी। प्रशासन की ओर से 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक फील्ड कार्य का पुनरीक्षण भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य जनगणना की प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि या जानकारी छूटने की संभावना को कम करना है।
जनगणना को लेकर जिला प्रशासन ने लोगों को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी है। जनगणना के दौरान प्रगणक किसी भी व्यक्ति से उसके दस्तावेजों की छायाप्रति नहीं मांगेंगे। साथ ही लोगों की ओर से दी गई जानकारी की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना के संबंध में किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर भरोसा करें।
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स्व-गणना अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के माध्यम से हेल्प डेस्क स्थापित की जाएंगी। इन हेल्प डेस्क के जरिए ग्रामीणों को ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया समझाने और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों की स्व-गणना भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अधिकारियों को अभियान की नियमित निगरानी करने और आम लोगों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
जनगणना-2027 की प्रक्रिया के दौरान लोगों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना की प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरी हो। इसके लिए अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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