विज्ञापन
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में विवाद के बीच ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है।

UP News : श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में विवाद के बीच ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह सभी सवालों का क्रमवार जवाब देंगे। चंपत राय ने राम भक्तों के नाम लिखे पत्र में कहा कि जांच पूरी होने तक उन्होंने मौन रहने का फैसला किया है। उन्होंने आरोपों को लेकर कहा कि उनके खिलाफ अनर्गल चचार्एं चलाई जा रही हैं, लेकिन समय आने पर पूरी सच्चाई सामने रखी जाएगी।
UP News
अपने पत्र में चंपत राय ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अक्टूबर 1991 से संगठन के निर्देश पर अयोध्या में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका 45 वर्षों का प्रचारक जीवन खुली पुस्तक की तरह रहा है और वह जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। चंपत राय ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट बेहद गोपनीय थी, लेकिन अब उसके कुछ हिस्से सार्वजनिक चर्चा का विषय बन चुके हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह लगाए जा रहे आरोपों और उठाए गए सभी बिंदुओं पर विस्तार से जवाब देंगे।
UP News
इसे भी पढ़े : सीएम योगी का बड़ा एक्शन प्लान, मंत्रियों-विधायकों को करना होगा ये काम
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच एजेंसियां कई पहलुओं की जांच कर रही हैं। इससे पहले चंपत राय पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज करा चुके हैं और उन्होंने मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि चढ़ावे में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, यह जिम्मेदारी उनकी थी और जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की गई। फिलहाल सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिसके बाद इस पूरे विवाद की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
UP News
इसे भी पढ़े : उत्तर प्रदेश की ताकत बनेगा कुशल मानव संसाधन, उद्योगों के हिसाब से तैयार होंगे युवा
विज्ञापन