चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। बराहमाफी, रामपुर कल्याणगढ़ और गोपीपुर में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

बराहमाफी, रामपुर कल्याणगढ़ व गोपीपुर में नलों में कभी-कभार आता है पानी, ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा
UP News : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट स्तिथ मानिकपुर पाठा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। बराहमाफी, रामपुर कल्याणगढ़ और गोपीपुर जैसे गांवों में जल जीवन मिशन के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। उनका कहना है कि नलों में महीने में केवल दो से चार बार पानी आता है। यह पानी भी महज 10 से 20 मिनट के लिए ही मिलता है। ग्रामीणों के अनुसार, नलों से मिलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। ऐसे में लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। सत्यनारायण, रामहृदय, दयाराम, सिपाहीलाल और छत्रपाल समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। उन्हें उम्मीद थी कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा, लेकिन उनकी परेशानी कम नहीं हुई। UP News
यह भी पढ़ें : चित्रकूट में 43 गांवों में बसेगी नई टाउनशिप
गोपीपुर गांव में स्टैंड पोस्ट की टोंटी सूखी पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्यास बुझाने के लिए पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। पेयजल संकट के साथ दूषित पानी से बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। गर्मी हो या सर्दी, पानी की अनियमित आपूर्ति से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। UP News
इसे भी पढ़ें : चित्रकूट में ट्रैफिक कांस्टेबल पर मैकेनिक को मारपीट कर बंधक बनाने का आरोप, जांच शुरू
मामले की जांच कराई जाएगी। हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। — विपिन कुमार द्विवेदी, एसडीएम मानिकपुर
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराएगा, ताकि उन्हें पीने के पानी के लिए दर-दर न भटकना पड़े। UP News
विज्ञापन