उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों के बीच सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच जिले में 240 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जबकि वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 284 था।

UP News: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नवंबर 2026 के यातायात माह की शुरुआत हो गई है। सोमवार को पुरानी बस स्टैंड, कर्वी से जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने यातायात जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान अधिकारियों ने वाहन चालकों से तेज रफ्तार के बजाय संयमित और सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने की अपील की। रैली में छात्र-छात्राओं और एनसीसी कैडेट्स ने हाथों में यातायात जागरूकता से जुड़े संदेश लेकर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। प्रशासन ने इस मौके पर सड़क हादसों में कमी लाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी को जरूरी बताया। UP News:
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जनवरी से सितंबर तक के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 284 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं। वर्ष 2026 में इसी अवधि के दौरान यह संख्या घटकर 240 रह गई। इस तरह दुर्घटनाओं में 44 की कमी आई है। सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या भी 148 से घटकर 136 रह गई। वहीं, दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की संख्या 290 से कम होकर 223 दर्ज की गई। प्रशासन के अनुसार, हादसों और घायलों की संख्या में आई कमी सड़क सुरक्षा के प्रयासों के लिहाज से सकारात्मक संकेत है।
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डीएम ने कहा कि चित्रकूट जिले में हर साल करीब 10 हजार नए वाहन सड़कों पर बढ़ रहे हैं। ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने परिवार के सदस्यों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार बहादुरी नहीं है। वाहन चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी चालक और सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जिंदगी खतरे में डाल सकती है। सुरक्षित यात्रा के लिए गति सीमा का पालन और संयमित ड्राइविंग जरूरी है। UP News:
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने वाहन चालकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करने की अपील की। एसपी ने नशे की हालत में वाहन चलाने वालों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यातायात माह के दौरान स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
यातायात माह के शुभारंभ कार्यक्रम में पूर्व सांसद आरके पटेल, भैरों प्रसाद मिश्रा, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, एएसपी पीयूष कांत राय, सीओ नगर सत्येंद्र सिंह, सीओ यातायात करिश्मा गुप्ता और यातायात प्रभारी हरिराम यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। UP News:
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