गाजियाबाद 3 सिस्टर्स सुसाइड केस : जांच में चौंकाने वाले खुलासे

भारत सिटी सोसाइटी में 9वीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में पुलिस ने 17 दिनों की विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की है। एसीपी स्तर की जांच में डिजिटल लत, पारिवारिक तनाव और आर्थिक दबाव को प्रमुख कारणों के रूप में चिन्हित किया गया है।

three sisters
9वीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों की मौत
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Feb 2026 01:26 PM
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UP News : गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 9वीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में पुलिस ने 17 दिनों की विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की है। एसीपी स्तर की जांच में डिजिटल लत, पारिवारिक तनाव और आर्थिक दबाव को प्रमुख कारणों के रूप में चिन्हित किया गया है। फिलहाल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

डिजिटल दुनिया का गहरा प्रभाव

जांच में सामने आया कि 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी कथित रूप से कोरियन गेम्स और के-कल्चर से अत्यधिक प्रभावित थीं। रिपोर्ट के अनुसार, वे लंबे समय से स्कूल नहीं जा रही थीं और आॅनलाइन गेमिंग में गहराई से डूबी हुई थीं। 8 पन्नों के सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि उनसे कोरियन गेम छोड़ने को कहा गया था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पा रही थीं। बताया गया है कि जब पिता ने मोबाइल फोन छीन लिया तो वे बेहद व्यथित हो गईं।

पांच हॉरर गेम्स की पहचान

पुलिस ने जिन गेम्स का जिक्र किया है, वे कथित तौर पर कम उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते। इनमें शामिल हैं:

* पप्पी प्लेटाइम

* द बेबी इन येलो

* इविल नून

* आइस स्क्रीओम

* आइस गोम

जांच अधिकारियों का कहना है कि ये टास्क-आधारित हॉरर गेम्स मानसिक दबाव और भय का वातावरण बनाते हैं।

पारिवारिक हालात और आर्थिक दबाव

तफ्तीश के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति और घरेलू तनाव की भी जांच की गई। पुलिस के अनुसार, घर पर 20 से 25 लाख रुपये तक का कर्ज था। पिता के बयानों में कथित तौर पर कुछ विरोधाभास भी पाए गए हैं। यह भी सामने आया कि वर्ष 2018 में परिवार से जुड़ी एक अन्य महिला की उसी इमारत से गिरकर मृत्यु हुई थी, जिसकी परिस्थितियों की भी जांच में समीक्षा की गई।

14 गवाहों के बयान

पुलिस ने सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों सहित 14 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। जांच टीम ने घटनास्थल, मोबाइल डेटा और सुसाइड नोट का विश्लेषण किया है। डीसीपी स्तर के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच और हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट अभी लंबित है। यदि किसी बाहरी दबाव या उकसावे के संकेत मिलते हैं, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला डिजिटल लत, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद की अहमियत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। UP News


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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- भाजपा पर भरोसा नहीं, किसी और राज्य की पुलिस जांच करे

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कानूनी विवादों में घिर गए हैं। पाक्सो अदालत के निर्देश पर उनके और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला दो नाबालिग लड़कों से कथित दुर्व्यवहार से संबंधित बताया जा रहा है।

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Feb 2026 12:48 PM
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UP News : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कानूनी विवादों में घिर गए हैं। पाक्सो अदालत के निर्देश पर उनके और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला दो नाबालिग लड़कों से कथित दुर्व्यवहार से संबंधित बताया जा रहा है।

क्या है आरोप?

शिकायत के अनुसार, पिछले वर्ष एक धार्मिक शिविर के दौरान दो नाबालिगों के साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया। आरोपों में यह भी दावा किया गया है कि प्रयागराज में आयोजित धार्मिक आयोजन के समय भी उनके साथ गलत आचरण हुआ। अदालत के आदेश के बाद झूंसी थाने में केस दर्ज किया गया। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) और पाक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराएं शामिल की गई हैं, जिनमें गंभीर यौन अपराधों से संबंधित प्रावधान आते हैं।

शंकराचार्य का बयान

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह पूरी कहानी गढ़ी गई है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे सनातन पर हमला बताते हुए कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग देंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भाजपा शासित राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं है और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए किसी अन्य राज्य की पुलिस से जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस उन्हें हिरासत में लेती है तो वे विरोध नहीं करेंगे। प्रयागराज से पुलिस की एक टीम वाराणसी पहुंची है और उनसे पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। मामले की सुनवाई अदालत की निगरानी में आगे बढ़ेगी। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा।UP News


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सिंगापुर पहुंचते ही एक्शन मोड में सीएम योगी, की बैक-टू-बैक बैठकें

सरकार का रोडमैप साफ है उत्तर प्रदेश में FDI का फ्लो बढ़े, बड़े इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स तेजी से जमीन पर उतरें और निवेश के जरिए राज्य में रोजगार के नए अवसरों के साथ टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को भी मजबूती मिले।

सिंगापुर में निवेश मिशन पर सीएम योगी
सिंगापुर में निवेश मिशन पर सीएम योगी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar23 Feb 2026 10:58 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों सिंगापूर दौरे पर है। सिंगापुर पहुंचते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निवेश मिशन मोड में नजर आए।उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक प्रभावशाली बनाने के लक्ष्य के साथ सीएम योगी ने पहले ही दिन बैक-टू-बैक कॉरपोरेट मीटिंग्स कर विदेशी निवेशकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए सीधा न्योता दिया है। सरकार का रोडमैप साफ है उत्तर प्रदेश में FDI का फ्लो बढ़े, बड़े इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स तेजी से जमीन पर उतरें और निवेश के जरिए राज्य में रोजगार के नए अवसरों के साथ टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को भी मजबूती मिले।

टेमासेक के शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात

दौरे के पहले दिन सीएम योगी ने सिंगापुर की अग्रणी निवेश कंपनी Temasek Holdings के चेयरमैन Teo Chee Hean और उनकी टीम के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में टेमासेक के वैश्विक निवेश अनुभव के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री ने टेमासेक को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, हेल्थकेयर, फिनटेक और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से अवगत कराया और निवेश के लिए खुला निमंत्रण दिया। बैठक में टेमासेक के पोर्टफोलियो से जुड़ी Manipal Hospitals की ओर से गाजियाबाद में करीब 500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश की जानकारी साझा की गई। माना जा रहा है कि इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल पार्क डेवलपमेंट से जुड़ी कंपनी Ascendas के साथ भी उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विस्तार पर बातचीत हुई। बैठक में करीब 500 करोड़ रुपये के संभावित निवेश पर चर्चा सामने आई। सरकार का आकलन है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। बैठक के दौरान डेटा सेंटर, कौशल विकास और उभरती तकनीकों के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार काम कर रही है, ताकि राज्य तकनीकी रूप से सक्षम बने और आर्थिक विकास की रफ्तार बनी रहे।

निवेशकों को यूपी का ‘सेफ और फास्ट’ मॉडल बताया

सीएम योगी ने निवेशकों के सामने उत्तर प्रदेश की मजबूत कानून-व्यवस्था, विस्तृत एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और तेजी से उभरते लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स का रोडमैप रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत निवेशकों को पारदर्शी, त्वरित और निवेशक-अनुकूल माहौल दे रही है। सीएम ने यह भी भरोसा दिलाया कि यूपी सरकार लंबी अवधि की भरोसेमंद साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे बड़े स्तर पर रोजगार और तकनीकी क्षमता का विस्तार हो सके। मुख्यमंत्री का सिंगापुर दौरा उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसी निवेश अभियान के तहत प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी इस समय यूरोप दौरे पर हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन अंतरराष्ट्रीय बैठकों और संवादों से उत्तर प्रदेश में नई विदेशी साझेदारियां, नई परियोजनाएं और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। UP News

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