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UP News: उत्तर प्रदेश के जिन 32 जिलों में डीड राइटर्स तथा वकील हड़ताल पर थे उन सभी जिलों में बुधवार से रजिस्ट्री का काम शुरू हो गया है।

UP News: उत्तर प्रदेश में चल रही डीड राइटर्स तथा वकीलों की हड़ताल समाप्त हो गई है। उत्तर प्रदेश के 32 से अधिक जिलों में हड़ताल कर रहे डीड राइटर्स तथा वकीलों को बड़ी जीत मिली है। डीड राइटर्स तथा वकीलों को मिली बड़ी जीत के साथ ही उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्री विभाग में काम शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के जिन 32 जिलों में डीड राइटर्स तथा वकील हड़ताल पर थे उन सभी जिलों में बुधवार से रजिस्ट्री का काम शुरू हो गया है। रजिस्ट्री का काम शुरू होने से उत्तर प्रदेश के नागरिकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। UP News
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लखनऊ में हुई बैठक में सरकार झुकी, डीड राइटर्स की हुई जीत
उत्तर प्रदेश में ई-पंजीयन सेवा के विरोध में प्रदेश के डीड राइटर्स तथा रजिस्ट्री विभाग से जुड़े हुए वकील लम्बी हड़ताल पर थे। इस हड़ताल के कारण सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रूपये के राजस्व का घाटा हो रहा था। साथ ही अपनी प्रोपर्टी की रजिस्ट्री ना हो पाने के कारण नागरिक बहुत बड़ी परेशानी में थे। सोमवार तथा मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डीड राइटर्स के प्रतिनिधियों की वार्ता उत्तर प्रदेश के निबंधन विभाग की मुखिया (आईजी पंजीयन) नेहा शर्मा के साथ लम्बी बैठक हुई। लगातार दो दिन तक चली बैठक में हड़ताली डीड राइटर्स की सभी मांगों को सरकार ने स्वीकार कर लिया। मांग पूरी होने की घोषणा के साथ ही डीड राइटर्स तथा वकीलों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। इस घोषणा के तहत उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में बुधवार से रजिस्ट्री का काम शुरू हो गया। UP News
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उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ने कर दी डीड राइटर्स की मांग पूरी करने की घोषणा
उत्तर प्रदेश में लगातार 20 दिन से हड़ताल कर रहे डीड राइटर्स की मांग पूरी करने की घोषणा उत्तर प्रदेश सरकार के स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने की। श्री जायसवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में प्राधिकरणों और अन्य सरकारी संस्थाओं में ऑनलाइन रजिस्ट्री लागू करने संबंधी शासनादेश को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चार जून को ई-पंजीकरण मॉड्यूल का शासनादेश जारी किया था। हालांकि, आदेश में पर्याप्त स्पष्टता नहीं होने से अधिवक्ताओं, डीड राइटरों और स्टांप वेंडरों में रोजगार प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई। इसके विरोध में प्रदेश के 32 जिलों में अधिवक्ताओं ने हड़ताल शुरू कर दी थी। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने बताया कि सभी पक्षों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए शासनादेश वापस लेने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं और डीड राइटरों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ववत व्यवस्था के अनुसार ही संचालित होगी।
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व्यवस्था को आसान बनाने के लिए की गई थी रजिस्ट्री विभाग में नई व्यवस्था
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रवीन्द्र जयसवाल ने बताया कि विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद, औद्योगिक विकास प्राधिकरण सहित अन्य सरकारी संस्थाओं द्वारा बेची जाने वाली संपत्तियों की पहली रजिस्ट्री को आसान बनाने के लिए यह व्यवस्था प्रस्तावित की गई थी। इसके तहत संबंधित प्राधिकरण का अधिकृत अधिकारी अपने कार्यालय से ही डीड राइटर या अधिवक्ता के माध्यम से तैयार दस्तावेज ऑनलाइन उप निबंधक कार्यालय को भेजता और वहां से पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेज पुन: ऑनलाइन प्राधिकरण कार्यालय भेज दिए जाते। इससे क्रेता, अधिवक्ता और डीड राइटरों को बार-बार उप निबंधक कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं रहती तथा समय और संसाधनों की बचत होती। UP News
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