उत्तर प्रदेश के हाथरस की न्यू गढ़ी तमन्ना कॉलोनी में करंट लगने से 10 से 12 बंदरों और दो कुत्तों की मौत का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने खेत के चारों ओर लगे तारों में बिजली का करंट छोड़े जाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद में बिजली के करंट की चपेट में आने से 10 से 12 बंदरों और दो कुत्तों की मौत का मामला सामने आया है। घटना हाथरस गेट थाना क्षेत्र की न्यू गढ़ी तमन्ना कॉलोनी में शुक्रवार शाम करीब छह बजे हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खेत के चारों ओर लगाए गए तारों में करंट छोड़ा गया था, जिसकी चपेट में आने से कई जानवरों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस खेत में यह घटना हुई, वह पूरन प्रकाश पुत्र दामोदर सिंह का बताया जा रहा है। आरोप है कि खेत के चारों ओर लगाए गए तारों में बिजली का करंट प्रवाहित किया गया था। इसी दौरान वहां पहुंचे बंदर और कुत्ते करंट की चपेट में आ गए। लोगों ने दावा किया कि करीब छह से सात महीने पहले भी इसी खेत में करंट लगने से एक भैंस की मौत हो गई थी। इसके बावजूद खेत में दोबारा करंट छोड़े जाने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, तारों में करंट छोड़ने और जानवरों की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। UP News :
घटना के बाद आसपास बड़ी संख्या में बंदर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने बंदरों के झुंड के हजारों की संख्या में दिखाई देने की बात कही। अचानक इतनी बड़ी संख्या में बंदरों के एकत्रित होने से कॉलोनी के लोगों में डर का माहौल बन गया। भय के कारण कई परिवार घरों के अंदर चले गए और बाहर निकलने से बचते रहे। घटना की जानकारी मिलने पर थाना हाथरस गेट पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई। मृत जानवरों की संख्या और घटना की परिस्थितियों को लेकर संबंधित विभागों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। UP News :
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स्थानीय लोगों के मुताबिक, अंधेरा होने के बाद बंदरों का झुंड वहां से चला गया। इसके बाद गौरक्षकों और पशु प्रेमियों ने मृत बंदरों को एकत्रित किया और उनका अंतिम संस्कार किया।
इस घटना ने खेतों की सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले बिजली के तारों और उनसे वन्यजीवों तथा दूसरे जानवरों को होने वाले खतरे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में जानबूझकर करंट प्रवाहित किए जाने की पुष्टि होती है, तो मामले में कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) राकेश चंद्र यादव ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में है और वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामले में जांच जारी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जानवरों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और खेत के तारों में करंट प्रवाहित किए जाने के आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं। UP News :
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