संयुक्त किसान मोर्चा ने 23 अक्टूबर 2026 को देशभर में जिला और तहसील स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। बैठक में लिए गए फैसले के बाद किसान संगठन आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं। जानिए 23 अक्टूबर को क्या है संयुक्त किसान मोर्चा की योजना और इस विरोध प्रदर्शन के पीछे कौन से प्रमुख मुद्दे हैं।

चेतना मंच से खास बातचीत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत बोले— युवाओं के आंदोलन, किसानों के बेटों के साथ कथित मारपीट और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर संयुक्त किसान मोर्चा करेगा बड़ा संघर्ष
UP News : देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विरोध के बीच अब संयुक्त किसान मोर्चा ने भी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने 23 अक्टूबर 2026 को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। यह फैसला हरियाणा के करनाल में 12 अक्टूबर 2026 को हुई मोर्चे की बैठक में लिया गया। आंदोलन को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने चेतना मंच से सीधे बातचीत में इसकी पृष्ठभूमि और किसान संगठनों की भूमिका पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। चौधरी राकेश टिकैत के मुताबिक, युवाओं के आंदोलन, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और किसानों के परिवारों से जुड़े युवाओं के साथ कथित मारपीट जैसे मुद्दों ने किसान संगठनों की चिंता बढ़ाई है। संयुक्त किसान मोर्चा इन मुद्दों पर युवाओं के साथ खड़ा होकर आंदोलन को व्यापक रूप देने की तैयारी में है।
चेतना मंच से बातचीत में चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि देशभर में युवा आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, आंदोलनकारी युवाओं के खिलाफ सरकार, सरकारी एजेंसियों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई और किसान परिवारों के बेटों के साथ हुई मारपीट के विरोध को भी आंदोलन की प्रमुख वजहों में शामिल बताया। राकेश टिकैत के अनुसार, संयुक्त किसान मोर्चा का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने और अपनी मांगें उठाने के अधिकार का सम्मान होना चाहिए। इन मुद्दों को लेकर मोर्चा बड़ा आंदोलन शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। चेतना मंच की इस बातचीत का मुख्य संदेश है कि किसानों का आंदोलन अब केवल कृषि संबंधी मांगों तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं के आंदोलन और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में है। UP News
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संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हरियाणा के करनाल में हुई, जिसमें विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में दिल्ली में चल रहे युवाओं के विरोध प्रदर्शन के समर्थन और SIR के मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद 23 अक्टूबर 2026 को देशभर में जिला और तहसील स्तर पर प्रदर्शन करने तथा ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई। इस फैसले के बाद किसान संगठनों की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। किसान संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी युवाओं के समर्थन में आवाज उठाई है। UP News
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SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची की जांच और उसे अद्यतन करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों के बीच विवाद सामने आया है। विरोध करने वाले समूहों की प्रमुख चिंताओं में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंका, पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे मुद्दे शामिल हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से इस प्रक्रिया को लेकर अपने पक्ष और स्पष्टीकरण भी दिए जाते रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस विवाद को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा मानते हुए आंदोलनकारी युवाओं को समर्थन देने का फैसला किया है। UP News
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संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की घोषित योजना के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को देशभर में जिला और तहसील स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन के बाद संबंधित अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जाने की भी बात कही गई है। इस आंदोलन के जरिए किसान संगठन युवाओं के विरोध प्रदर्शन के प्रति समर्थन जताने के साथ SIR और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े अपने विरोध को सामने रखेंगे। अलग-अलग राज्यों और जिलों में कार्यक्रमों का स्वरूप स्थानीय संगठनों की तैयारियों के अनुसार तय हो सकता है। UP News
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संयुक्त किसान मोर्चा का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण और युवाओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस चल रही है। किसान संगठनों का समर्थन इस मुद्दे को और व्यापक बना सकता है। चौधरी राकेश टिकैत ने चेतना मंच से बातचीत में जिन मुद्दों को उठाया, उनसे स्पष्ट है कि किसान संगठन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को भी आंदोलन का हिस्सा बनाना चाहते हैं। अब सबकी नजर 23 अक्टूबर पर है। देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले प्रदर्शनों से यह स्पष्ट होगा कि संयुक्त किसान मोर्चा इस मुद्दे पर कितनी व्यापक लामबंदी कर पाता है और सरकार तथा संबंधित संस्थाओं की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। चेतना मंच की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी रहेगी। आंदोलन से जुड़े नए फैसलों, उत्तर प्रदेश में होने वाले प्रदर्शनों और चौधरी राकेश टिकैत के अगले बयानों से संबंधित अपडेट पाठकों तक पहुंचाए जाएंगे। UP News
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