उत्तर प्रदेश में गंगा और चंद्रप्रभा का जलस्तर बढ़ने से चिंता बढ़ी। वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर, चंदौली में चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर 10 घंटे में 6.1 फीट बढ़ा। अगले 48-72 घंटे अहम।

उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में बाढ़ आई हुई है। उत्तर प्रदेश के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लगातार जीवन हानि भी हो रही है। उत्तर प्रदेश के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार भ्रमण कर रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में पड़ने ने वाले चंदौली तथा वाराणसी आदि जिलों में लगातार हो रही वर्षा तथा नदियों में बढ़ रहे लगातार पानी (जलस्तर) के कारण नागरिकों की चिंता बढ़ती जा रही है। UP News
उत्तर प्रदेश के चंदौली तथा वाराणसी जिलों में तथा पूर्वांचल के पूरे क्षेत्र में बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की बढ़ती आवक के बीच नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने लगा है। वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर पहुंच गई है, जबकि चंदौली में चंद्रप्रभा बांध के जलस्तर में भी बुधवार को तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। अगले 48 से 72 घंटे जलस्तर की स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
चंदौली में चंद्रप्रभा बांध के जलस्तर में बुधवार को तेजी से वृद्धि हुई। सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुबह सात बजे बांध का गेज 760.6 फीट था, जो शाम पांच बजे बढ़कर 766.7 फीट पहुंच गया। यानी करीब दस घंटे में जलस्तर 6.1 फीट बढ़ा। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश और बंजरिया रेगुलेटर से पानी की आवक के कारण जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। पानी की आवक इसी तरह बनी रही तो जल प्रबंधन के तहत आगे आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, बांध से पानी छोड़े जाने के समय और मात्रा को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उधर वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर चुका है। बढ़ते जलस्तर का असर गंगा के तटवर्ती और निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। वरुणा नदी से जुड़े निचले क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों को नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
चंदौली और आसपास के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहने पर चंद्रप्रभा बांध में पानी की आवक और बढ़ सकती है। वहीं वाराणसी में गंगा पहले ही चेतावनी बिंदु पार कर चुकी है। ऐसे में आने वाले 48 से 72 घंटे जलस्तर की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ती है तो निचले इलाकों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं बारिश थमने और पानी की आवक घटने पर जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना बनेगी।
चंद्रप्रभा और गढ़ई नदी के आसपास के निचले गांवों, बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र तथा गंगा किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जारी होने वाली सूचनाओं पर नजर रखें और नदी, नाले तथा तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें। कर्मनाशा नदी के वर्तमान प्रमाणित गेज का आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने के कारण इस खबर में उसका जलस्तर संबंधी आंकड़ा नहीं दिया गया है। चंद्रप्रभा बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में संबंधित प्रवाह क्षेत्रों पर संभावित असर को देखते हुए विभागीय निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
ये भी पढ़ें: ऑपरेशन कन्विक्शन: गैंगस्टर एक्ट के चार दोषियों को 15 साल की सजा
बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े अधिकारियों तथा चंदौली व वाराणसी के जिला प्रशासन से जुड़े हुए अधिकारियों ने जनहित में अपील भी जारी की है। उनकी अपील में कही गई बातें हम यहां नीचे आपको बता रहें हैं।
उत्तर प्रदेश के इस महत्वपूर्ण समाचार पर चेतना मंच की लगातार दृष्टि बनी हुई है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से हम आपको लगातार अपडेट करते रहेंगे। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की ऐसी ही खबरों को पढ़ने के लिए आप हमारे साथ बने रहें, चेतना मंच के न्यूज पोर्टल www.chetnamanch.com पर।
ये भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश के शिकारपुर विधायक व पूर्व मंत्री अनिल शर्मा का दुःखद निधन
विज्ञापन