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इंटरनेट पर गंदी फिल्म, अश्लील सामग्री तथा पोर्न फिल्म देखने वालों को सावधान होने की आवश्यकता है। जिन लोगों को लगता है कि उन्हें इंटरनेट पर गंदगी देखते समय कोई नहीं देख रहा है तो उन्हें उत्तर प्रदेश के एटा जिले के कारोबारी के विषय में जरूर जानना चाहिए।

UP News : इंटरनेट पर गंदी फिल्म, अश्लील सामग्री तथा पोर्न फिल्म देखने वालों को सावधान होने की आवश्यकता है। जिन लोगों को लगता है कि उन्हें इंटरनेट पर गंदगी देखते समय कोई नहीं देख रहा है तो उन्हें उत्तर प्रदेश के एटा जिले के कारोबारी के विषय में जरूर जानना चाहिए। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में रहने वाले एक प्रसिद्ध कारोबारी की जासूसी करके गूगल ने उस कारोबारी को जेल में पहुंचाने का काम किया है। उत्तर प्रदेश की यह घटना इंटरनेट पर अश्लील फिल्म देखने वालों के लिए बहुत बड़ा सबक है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गूगल के प्रयास की खूब तारीफ की है। UP News
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उत्तर प्रदेश के एक कारोबारी को अश्लील फिल्म देखने का गंदा शौक था। इसी गंदे शौक के कारण कारोबारी ने एक बच्ची का यौन शोषण कर डाला। गूगल से मिली जानकारी के आधार पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कारोबारी को जेल भेज दिया है। उत्तर प्रदेश के एटा जिले से सामने आया यह एक सनसनीखेज मामला उन लोगों के लिए बड़ी चेतावनी माना जा रहा है, जो यह समझते हैं कि इंटरनेट पर उनकी गतिविधियों पर किसी की नजर नहीं रहती। एटा पुलिस ने एक ऐसे कारोबारी को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत गूगल की ओर से भेजी गई सूचना के बाद हुई। जांच में आरोपी के मोबाइल और क्लाउड स्टोरेज से बड़ी मात्रा में बाल यौन शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार मामला एटा जिले के जलेसर क्षेत्र का है। जांच एजेंसियों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से सूचना मिली, जो अमेरिकी संस्था NCMEC (नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन) की साइबर टिपलाइन से जुड़ी थी। बताया गया कि गूगल के सिस्टम ने संदिग्ध सामग्री का पता लगने पर इसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाई, जिसके बाद जांच शुरू हुई। UP News
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यह बड़ा मामला उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच में उजागर हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन और डिजिटल अकाउंट की पड़ताल की गई, जिसमें बड़ी संख्या में आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने का दावा किया गया। प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में एक हजार से अधिक संदिग्ध फोटो-वीडियो होने की बात सामने आई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला इस बात का उदाहरण है कि क्लाउड सेवाओं पर अपलोड की जाने वाली सामग्री पूरी तरह निजी नहीं मानी जा सकती। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल जैसी बड़ी टेक कंपनियां बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSAM) की पहचान के लिए स्वचालित तकनीकों का उपयोग करती हैं। यदि ऐसी सामग्री का पता चलता है तो संबंधित कानूनों के तहत इसकी सूचना सक्षम एजेंसियों को भेजी जा सकती है। इसका उद्देश्य गंभीर अपराधों पर रोक लगाना और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। UP News
विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट पर कोई भी गैरकानूनी गतिविधि पूरी तरह छिपी हुई नहीं रहती। क्लाउड स्टोरेज, ई-मेल, डिजिटल लॉग और अन्य तकनीकी साक्ष्य जांच एजेंसियों तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अवैध या आपत्तिजनक सामग्री को डाउनलोड, साझा या सुरक्षित रखना गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार साइबर अपराधों पर कार्रवाई तेज कर रही है। एटा का यह मामला बताता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और भारतीय जांच एजेंसियां मिलकर बाल यौन शोषण जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ काम कर रही हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी का किसी संगठित नेटवर्क से कोई संबंध तो नहीं था। UP News
उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जिस कारोबारी की हम यहां चर्चा कर रहे हैं वह कोई छोटा-मोटा कारोबारी नहीं बल्कि एक करोड़पति कारोबारी है। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी योगेन्द्र सिंह एटा जिले में अपर पुलिस उपाधीक्षक ASP के पद पर तैनात हैं। एटा के ASP योगन्द्र सिंह ने बताया कि कुछ महीने पहले पोर्न वीडियो दिखाकर पांच वर्षीय बच्ची का यौन शोषण करने वाले जलेसर के घुंघरू कारोबारी की पुलिस ने गूगल की सूचना पर सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मुदित गुप्ता ने बच्ची के शोषण के कई वीडियो गूगल ड्राइव में सेब (सुरक्षित) कर रखे थे। आरोपी के दो मोमाइल फोन पुलिस ने जब्त किए हैं, जिनमें 1000 में अधिक आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिले हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी विभिन्न संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों के लिए वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) और 11 अलग-अलग ई-मेल आईडी का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने आरोपों के खिलाफ पोस्को और आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़ित बच्ची के परिजन की तहरीर मिलने पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई जाएगी। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी किसी अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क से तो नहीं जुड़ा है। UP News
अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) योगेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी के गूगल ड्राइव में सेव किए गए बच्ची के वीडियो का संज्ञान लेकर गूगल ने अमेरिकी संस्था एनसीएमईसी (राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र) को रिपोर्ट भेजी थी। वहां से यह जानकारी भारत के गृह मंत्रालय को साझा की गई। इसके बाद एनसीआरपी के (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोटिंग पोर्टल) माध्यम से बाल यौन शोषण सामग्री से संबंधित 9 साइबर टिपलाइन एटा पुलिस को प्राप्त हुई। थाना साइबर क्राइम प्रभारी शंभूनाथ के नेतृत्व में तकनीकी जांच की गई। इसमें आरोपी की लोकेशन जलेसर क्षेत्र में मिली। जांच के दौरान शुरू में 21 फोटो और वीडियो मिले, जिन्हें बाल यौन शोषण सामग्री से संबंधित पाया गया। आईएमईआई नंबर, लॉग-इन, ई-मेल आईबी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान जलेसर के मोहल्ला बाजार कलां निवासी 42 वर्षीय मुदित गुप्ता के रूप में की। छानबीन के बाद पुलिप्त ने आरोपी को सोमवार को उसके घर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास में घटना में प्रयोग किए गए दो मोबाइल फोन और घटना के समय पहनी गई दो टी-शर्ट भी बरामद हुई हैं। UP News
उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी एटा के एएसपी क्राइम ने बताया कि विवेचना में ऐसे डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे 12 वर्ष से कम आयु की बालिका के साथ लैंगिक हमले के गंभीर तथ्य सामने आए हैं। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी मुदित गुप्ता वीपीएन का उपयोग कर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स से अश्लील वीडियो और न्यूड फोटो डाउनलोड करता था। इसके बाद उन्हें एडिट कर अपने मोबाइल में सुरक्षित रखता था। UP News
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