
UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज पूर्वांचल को आधुनिक संपर्क और औद्योगिक बुनियादी ढांचे से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं। शुक्रवार को वे बहुप्रतीक्षित गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का भव्य लोकार्पण करेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लागू की जा रही यह परियोजना पूर्वांचल की आर्थिक रचना और क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था को पूरी तरह से नया रूप देने की क्षमता रखती है। लगभग 91.35 किलोमीटर लंबा यह हाई-स्पीड कॉरिडोर गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जैसे प्रमुख जिलों को आपस में जोड़ते हुए गोरखपुर को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे न केवल व्यापार और उद्योग को नई दिशा मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लोकार्पण कार्यक्रम एक्सप्रेसवे के दोनों सिरों पर आयोजित किया गया है। वे सबसे पहले आज़मगढ़ जिले के सलारपुर स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जंक्शन पर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे और वहां जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके पश्चात वे नए एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते हुए गोरखपुर के भगवानपुर टोल प्लाज़ा पहुंचेंगे, जहां दूसरी जनसभा होगी। राज्य सरकार के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के जैतपुर (गोरखपुर) से शुरू होता है और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के सलारपुर जंक्शन (आजमगढ़) से जुड़ता है। इस चार लेन के कॉरिडोर को भविष्य में छह लेन तक विस्तारित करने की योजना भी बन चुकी है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल निर्माण लागत ₹7283.28 करोड़ आंकी गई है, जिसमें भूमि अधिग्रहण की लागत भी सम्मिलित है। इसे दो चरणों में पूरा किया गया—पहला खंड जैतपुर (गोरखपुर) से फुलवरिया (अंबेडकरनगर) तक 48.317 किलोमीटर और दूसरा खंड फुलवरिया से सलारपुर (आजमगढ़) तक 43.035 किलोमीटर का है। बता दें कि इस एक्सप्रेसवे से गोरखपुर के दक्षिणी ग्रामीण क्षेत्र—उरुवा, बेलघाट, खजनी और धुरियापार—को भी सीधा लाभ मिलेगा। जहां पहले इन इलाकों से जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लगभग एक घंटा लगता था, अब यह दूरी घटकर महज 20–25 मिनट रह जाएगी।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वांचल से लखनऊ तक का सफर भी और अधिक तेज़ और सुविधाजनक हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे सिर्फ भौगोलिक दूरी नहीं घटाएगा, बल्कि रोजगार, निवेश और औद्योगिक विस्तार के नए द्वार भी खोलेगा। कृषि उत्पादों के लिए बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होगी, जिससे किसानों को भी लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश सरकार का यह बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूर्वांचल में बहुआयामी विकास की नींव रखता है। निःसंदेह, यह परियोजना क्षेत्रीय संतुलन, निवेश प्रोत्साहन और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की दिशा में एक निर्णायक कदम है। UP News