गोरखपुर में स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच में 304 वाहन फेल पाए गए, जिनमें से 196 का पंजीयन निरस्त कर दिया गया और 108 को दोबारा फिटनेस प्रमाणपत्र जारी हुआ। मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने सवाल उठाया कि अनफिट वाहन सड़क पर चलें और दुर्घटना हो जाए, तो जिम्मेदार कौन होगा ?

UP News : गोरखपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े एक अहम मामले में फिटनेस जांच में फेल वाहनों को लेकर परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सामने आया कि जांच में फेल हुए 304 स्कूली वाहनों में से 108 को दोबारा फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया गया, जबकि 196 वाहनों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया। मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने सवाल उठाया कि तकनीकी खामियों के कारण फिटनेस जांच में फेल होने वाले वाहन यदि सड़क पर चलते मिलते हैं और उनसे दुर्घटना हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। UP News
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मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूली वाहनों की फिटनेस का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने परिवहन विभाग से जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने सवाल किया कि जब वाहन यांत्रिक खामियों के कारण फिटनेस जांच में फेल हो जाते हैं, तो उन्हें सड़क पर चलने से रोकने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी पूछा कि ऐसे वाहनों को सीज क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। UP News
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बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, फिटनेस जांच में फेल हुए 304 स्कूली वाहनों में से 108 को दोबारा फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया गया, जबकि 196 वाहनों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया। इन आंकड़ों के बीच यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि जिन वाहनों में तकनीकी खामियां पाई गई हैं, वे बिना आवश्यक अनुमति और वैध फिटनेस के बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल न हों। इसके लिए परिवहन विभाग और संबंधित स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी अहम है। UP News
स्कूली वाहनों में ब्रेक, टायर, स्टीयरिंग, लाइट और अन्य जरूरी यांत्रिक हिस्सों की खराबी सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। ऐसे में वाहनों की नियमित जांच और फिटनेस मानकों का पालन बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। मंडलायुक्त ने इसी चिंता को उठाते हुए सवाल किया कि यदि फिटनेस जांच में फेल वाहन सड़क पर चलते हुए दुर्घटना का शिकार होते हैं, तो जवाबदेही कैसे तय होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल जांच करना पर्याप्त नहीं, बल्कि नियमों का पालन भी जरूरी है। UP News
बैठक में गोरखपुर मंडल के अन्य जनपदों में स्कूली वाहनों की स्थिति की समीक्षा करने और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे वाहनों की फिटनेस से जुड़े मामलों में प्रभावी निगरानी रखें और कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से कहा गया कि सुधार के लिए दिए गए निर्देशों पर हुई प्रगति का आकलन किया जाए और लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। UP News
मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उठे सवालों ने स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के साथ-साथ नियमों के अनुपालन और निगरानी की अहमियत को रेखांकित किया। UP News
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