आखिर इन आंकड़ों के बीच अंतर क्यों है ? क्या वास्तविक माल की आपूर्ति और बिलिंग में कोई गड़बड़ी हुई थी ? जांच के दौरान प्रतिष्ठान की ओर से 15 लाख रुपये जमा कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर में जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) की छापेमारी से व्यापारिक क्षेत्र में हलचल मच गई। बरेली से पहुंची विभागीय टीम ने कोतवाली रोड स्थित राजू किराना स्टोर की फर्म और गोदाम में खरीद-बिक्री, बिलिंग और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान करीब एक करोड़ रुपये की कथित कर चोरी का मामला सामने आया है। टीम ने मौके पर 15 लाख रुपये जमा कराए। हालांकि, विभाग की ओर से जांच के अंतिम निष्कर्ष और कर चोरी की वास्तविक राशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। UP News
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जानकारी के मुताबिक, बरेली की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) की टीम डिप्टी कमिश्नर अनुरुद्ध सिंह के नेतृत्व में पूरनपुर पहुंची। टीम ने प्रतिष्ठान का गेट बंद कर खरीद-बिक्री, बिलिंग और लेनदेन से जुड़े अभिलेखों की जांच शुरू की। अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर कारोबार के वास्तविक विवरण और कर भुगतान की स्थिति जानने का प्रयास किया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौके पर करीब 20 से 25 लाख रुपये का स्टॉक मिला, जबकि बिलिंग से जुड़े आंकड़ों के आधार पर पांच से साढ़े पांच करोड़ रुपये के माल का विवरण होने की बात सामने आई। विभागीय टीम इस अंतर के कारणों और संबंधित कारोबारी रिकॉर्ड की जांच करती रही। हालांकि, स्टॉक और बिलिंग के आंकड़ों में अंतर का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। जांच के दौरान प्रतिष्ठान की ओर से 15 लाख रुपये जमा कराए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों ने कर संबंधी दस्तावेजों और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की पड़ताल की। विभागीय टीम देर रात तक जांच में जुटी रही। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जांच पूरी होने पर कुल कितनी कर देनदारी निर्धारित होगी और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। UP News
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प्रारंभिक जानकारी में प्रतिष्ठान से दिल्ली और हरियाणा के लिए भी बिलिंग किए जाने का उल्लेख है। अधिकारियों के अनुसार, पूरनपुर से कॉस्मेटिक सामान की दिल्ली आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। विभाग को आशंका थी कि वास्तविक माल आपूर्ति और बिलिंग के बीच अंतर के कारण कर राजस्व को नुकसान पहुंच सकता है। इस संबंध में दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। UP News
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