उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साहित्य का शानदार संगम देखने को मिला। 95 वर्षीय उदय प्रताप सिंह के सम्मान में आयोजित काव्य उत्सव में देश-प्रदेश के कई चर्चित कवि, शायर और गणमान्य लोग जुटे, जबकि ‘गुरुजी’ के काव्यपाठ ने महफिल लूट ली।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार, 6 सितंबर को हिंदी साहित्य और कविता जगत के लिए एक यादगार शाम देखने को मिली। हिंदी कविता को अपनी विशिष्ट लेखनी और रचनात्मक योगदान के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने वाले वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि श्री उदय प्रताप सिंह के सम्मान में “एक शाम श्री उदय प्रताप सिंह जी के नाम” भव्य काव्य उत्सव का आयोजन किया गया। प्रशस्ति स्टूडियो द्वारा आयोजित इस साहित्यिक समारोह में प्रदेश और देश के कई जाने-माने कवियों, शायरों, साहित्यकारों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में राजकुमार भाटी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके उद्बोधन और काव्य पाठ ने कार्यक्रम में अलग ही ऊर्जा भर दी। वहीं वरिष्ठ व्यंग्यकार सूर्य कुमार पांडेय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपनी हास्य-व्यंग्य शैली से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। UP News
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समारोह का सबसे भावुक और यादगार क्षण उस समय आया, जब सभी के प्रिय उदय प्रताप सिंह ने मंच संभाला। करीब 40 मिनट से अधिक समय तक उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में काव्यपाठ किया। उनकी वाणी में वही ओज, वही संवेदना और वही साहित्यिक जीवंतता दिखाई दी, जिसने दशकों से हिंदी कविता के श्रोताओं को प्रभावित किया है। 95 वर्ष की आयु में भी उनकी अद्भुत ऊर्जा और काव्य के प्रति समर्पण ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके काव्यपाठ के दौरान लगातार तालियों और ‘वाह-वाह’ की गूंज से पूरा वातावरण साहित्यिक उत्सव में बदल गया। उपस्थित साहित्य प्रेमियों के लिए यह केवल एक कवि का काव्यपाठ नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य की एक समृद्ध परंपरा के साक्षात दर्शन का अवसर था। UP News
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कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि एवं शायर जमुना प्रसाद उपाध्याय ने अपनी गजलों से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। रामप्रकाश बेखुद ने अपने शेरों से साहित्यिक रंग जमाया, जबकि बलवंत सिंह की शायरी ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इसके अलावा योगेश तिवारी, शीतल बाजपेयी और शिखा श्रीवास्तव ने अपनी सुमधुर कविताओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को साहित्यिक रस से सराबोर किया। कार्यक्रम के सूत्रधार एवं संचालक डॉ. कुमार मनोज ने प्रभावी संचालन के साथ अपनी रचनाओं से भी कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। देवेश दीक्षित ने शानदार मुक्तकों की प्रस्तुति देकर अपनी साहित्यिक प्रतिभा का परिचय दिया। UP News
कार्यक्रम में लक्ष्य कैंसर अस्पताल की निदेशक प्रियंका शाक्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनकी गरिमापूर्ण उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। साहित्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया। UP News
लखनऊ में आयोजित इस साहित्यिक समारोह में ग्रेटर नोएडा से भी वरिष्ठ लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र टाइगर और धर्मवीर खटाना कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति को आयोजकों और साहित्य प्रेमियों ने महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में सपा प्रवक्ता नेहा, आयुष राज, संजीव यादव, अजय रत्न सिंह चौहान, खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश यादव सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भी सहभागिता की। UP News
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अनेक लोगों ने पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने विशेष रूप से जमुना प्रसाद यादव के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं मेरठ से पहुंचे हिमांशु वशिष्ठ और प्रीति अग्रवाल ने अपने प्रबंधकीय कौशल के माध्यम से कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के संचालन का दायित्व डॉ. कुमार मनोज ने निभाया। उनकी प्रभावी प्रस्तुति और मंच संचालन ने पूरे आयोजन को क्रमबद्ध एवं आकर्षक बनाए रखा। UP News
“एक शाम श्री उदय प्रताप सिंह जी के नाम” केवल एक सामान्य कवि सम्मेलन नहीं था, बल्कि हिंदी साहित्य की उस परंपरा को सम्मान देने का प्रयास था, जिसमें कविता समाज, संस्कृति और संवेदनाओं को जोड़ने का माध्यम बनती है। उदय प्रताप सिंह को साहित्य जगत में स्नेह और सम्मान से ‘गुरुजी’ के नाम से संबोधित किया जाता है। उनके साहित्यिक व्यक्तित्व और दीर्घकालीन योगदान को देखते हुए आयोजित इस समारोह में अलग-अलग पीढ़ियों के कवियों और साहित्यकारों का एक मंच पर आना अपने आप में महत्वपूर्ण रहा। कार्यक्रम में उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से गुरुजी के प्रति सम्मान व्यक्त किया और हिंदी कविता की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। UP News
लखनऊ में आयोजित इस भव्य काव्य उत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि हिंदी कविता आज भी समाज के बड़े वर्ग को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखती है। आधुनिक दौर में जब साहित्यिक आयोजनों के सामने अनेक चुनौतियां हैं, ऐसे समय में किसी वरिष्ठ साहित्यकार के सम्मान में इतने बड़े स्तर पर कवियों, शायरों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों का एकत्र होना हिंदी साहित्य के लिए सकारात्मक संकेत है। आयोजकों की ओर से कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों, अतिथियों, कवियों, शायरों और उपस्थित गणमान्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कुल मिलाकर लखनऊ की यह शाम कविता, साहित्य, सम्मान और आत्मीयता का ऐसा संगम बनी, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। UP News
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