भवन का नक्शा पास कराने के दौरान आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक परेशानियों को कम करने के लिए आवास विभाग ने नई भवन विकास उपविधि-2025 के आधार पर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में अब घर बनवाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा आसान होने जा रही है। भवन का नक्शा पास कराने के दौरान आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक परेशानियों को कम करने के लिए आवास विभाग ने नई भवन विकास उपविधि-2025 के आधार पर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
राज्य सरकार ने सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया नई उपविधि के अनुरूप ही पूरी करें। इसके साथ ही, जहां आवश्यक हो, वहां हाईटेक टाउनशिप और इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीतियों के प्रावधान भी लागू किए जा सकेंगे।
यदि किसी परियोजना में एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो), भवन की अधिकतम ऊंचाई या मिश्रित उपयोग जैसे मानकों को लेकर अलग-अलग नीतियों में अंतर है, तो जिस नीति में अधिक अनुमति दी गई है, उसे प्राथमिकता दी जाएगी। इससे लंबे समय से चली आ रही व्याख्यात्मक उलझनें समाप्त होंगी।
विभिन्न शहरों के विकास प्राधिकरणों ने शासन से नक्शा पास करने के नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश मांगे थे। इनमें
गाजियाबाद, बुलंदशहर, खुर्जा, प्रयागराज, मथुरा, वृंदावन और लखनऊ जैसे प्रमुख शहर शामिल थे। इन शहरों में अलग-अलग नीतियों के चलते अनुमोदन प्रक्रिया में भ्रम की स्थिति बन रही थी, जिसे अब नई व्यवस्था से दूर किया गया है।
* नक्शा स्वीकृति में देरी कम होगी
* नियमों को लेकर अस्पष्टता समाप्त होगी
* बड़े और छोटे दोनों प्रकार के निर्माण कार्यों में तेजी आएगी
* आवासीय परियोजनाओं को स्पष्ट नीति ढांचा मिलेगा
कुल मिलाकर, सरकार का उद्देश्य निर्माण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाना है, ताकि नागरिकों और डेवलपर्स दोनों को राहत मिल सके। UP News