उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में बसुई नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे 12वीं कक्षा के GEN Z छात्र आशीष यादव का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। चेतना मंच ने अपनी खबर में छात्र की मांग तथा ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या को प्रमुखता से उठाया था।

UP News : उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बसुई नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर चल रहा GEN Z छात्र आशीष यादव का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया। चार दिन तक भूख हड़ताल पर बैठे छात्र की आवाज को चेतना मंच ने प्रमुखता से उठाया और खबर प्रकाशित होने के बाद मामला तेजी से वायरल हुआ। खबर वायरल होने के बाद मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज मंगलवार को अनशन स्थल पर पहुंचीं और छात्र तथा ग्रामीणों से मुलाकात कर पुल की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। सांसद के आश्वासन के बाद आशीष यादव ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। यह घटनाक्रम एक बार फिर बताता है कि जब स्थानीय जनता की आवाज को मजबूती से उठाया जाता है तो वह जनप्रतिनिधियों तक पहुंचती है और वर्षों से लंबित स्थानीय समस्याएं भी चर्चा के केंद्र में आ सकती हैं। UP News
ग्राम पंचायत अड़ियार (नहरपुर) से बसुई नदी होते हुए वाराणसी जिले के दुर्जनपुर को जोड़ने वाले मार्ग पर पुल निर्माण की मांग को लेकर 12वीं कक्षा के छात्र आशीष यादव चार दिन से नदी किनारे सत्ती माई के स्थान पर अनशन कर रहे थे। उनके समर्थन में करीब 50 ग्रामीण महिला, पुरुष और बच्चे भी आंदोलन में शामिल थे। चेतना मंच ने 14 सितंबर को “उत्तर प्रदेश में GEN Z का बड़ा धमाल, जौनपुर का है मामला” शीर्षक से इस आंदोलन को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। चेतना मंच की खबर में यह प्रमुखता से बताया गया था कि छात्र ने साफ कर दिया है कि जब तक सांसद स्वयं मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या नहीं सुनतीं और पुल निर्माण को लेकर आश्वासन नहीं देतीं, तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेगा।खबर प्रकाशित होने के बाद यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तेजी से चर्चा में आया। इसके बाद सांसद प्रिया सरोज अनशन स्थल पर पहुंचीं। UP News
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सांसद प्रिया सरोज ने अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्र आशीष यादव और ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने सांसद के सामने बसुई नदी पर पुल नहीं होने से होने वाली परेशानियों को रखा। आशीष यादव और ग्रामीणों की प्रमुख मांग थी कि अड़ियार (नहरपुर) से बसुई नदी पार कर वाराणसी जिले के दुर्जनपुर तक जाने वाले मार्ग पर पुल का निर्माण कराया जाए।सांसद ने समस्या के जल्द समाधान की दिशा में आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया। इसके बाद चार दिन से अनशन पर बैठे आशीष यादव ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। UP News
आंदोलन की सबसे बड़ी वजह बसुई नदी पर पुल का अभाव है। छात्र आशीष यादव ने चेतना मंच को बताया था कि वाराणसी जिले में पढ़ने जाने वाले विद्यार्थियों को करीब आठ किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। यदि बसुई नदी पर पुल बन जाता है तो नदी पार करते ही वाराणसी जिले में प्रवेश किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों का समय और यात्रा खर्च दोनों बचेंगे। ग्रामीणों के मुताबिक धौंकलगंज बाजार जाने के लिए भी पुल नहीं होने के कारण करीब छह से आठ किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। पुल बनने के बाद यह दूरी लगभग तीन किलोमीटर रह सकती है। UP News
आशीष यादव ने अकेले आंदोलन की शुरुआत की, लेकिन धीरे-धीरे ग्रामीण भी उनके साथ खड़े हो गए। चेतना मंच की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 50 महिला, पुरुष और बच्चे अनशन स्थल पर मौजूद थे। इससे साफ था कि बसुई नदी पर पुल का मुद्दा सिर्फ एक छात्र की समस्या नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी आवागमन की परेशानी से जुड़ा हुआ है।
ग्रामीणों का कहना था कि पुल बनने से जौनपुर और वाराणसी दोनों जिलों के लोगों को फायदा मिलेगा। विद्यार्थियों के साथ किसानों, व्यापारियों और आम ग्रामीणों के लिए भी आवागमन आसान होगा। UP News
आंदोलन के दौरान ग्रामीणों में सांसद प्रिया सरोज के प्रति नाराजगी भी सामने आई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि चुनाव के बाद सांसद के गांव में नहीं पहुंचने से उन्हें निराशा हुई है। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें किसी राजनीतिक दल से मतलब नहीं है। उनकी अपेक्षा सिर्फ इतनी है कि उनका जनप्रतिनिधि गांव में आए, उनकी समस्या सुने और उसके समाधान की पहल करे। अब सांसद के अनशन स्थल पर पहुंचने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि वर्षों पुरानी पुल निर्माण की मांग सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जमीन पर उतारने की दिशा में भी जल्द कार्रवाई होगी। UP News
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि *चेतना मंच ने उस समय छात्र की आवाज को प्रमुखता दी, जब वह चार दिन से अनशन पर बैठा था और सांसद से मौके पर पहुंचने की मांग कर रहा था।* खबर प्रकाशित होने के बाद मामला वायरल हुआ और इसके बाद सांसद स्वयं आंदोलन स्थल पर पहुंचीं। इसीलिए स्थानीय स्तर पर इसे चेतना मंच की खबर का कमाल कहा जा रहा है। हालांकि, पुल निर्माण का वास्तविक काम कब शुरू होगा, यह अभी आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। सांसद के आश्वासन के बाद फिलहाल छात्र का अनशन समाप्त हो गया है, लेकिन अब ग्रामीणों की नजर पुल निर्माण की अगली कार्रवाई पर रहेगी। UP News
जौनपुर का यह मामला नई पीढ़ी के लिए भी एक संदेश है। 12वीं कक्षा के छात्र आशीष यादव ने किसी बड़े राजनीतिक संगठन के बैनर के बजाय अपनी स्थानीय समस्या को लेकर खुद आंदोलन की कमान संभाली। चार दिन तक अनशन, ग्रामीणों का समर्थन और फिर मीडिया के जरिए समस्या का व्यापक स्तर पर सामने आना—इन घटनाओं ने बसुई नदी पुल के मुद्दे को चर्चा में ला दिया। अब आशीष यादव का आंदोलन समाप्त हो चुका है, लेकिन असली परीक्षा पुल निर्माण के वादे को पूरा कराने की होगी। चेतना मंच की खबर के बाद सांसद का अनशन स्थल पर पहुंचना और छात्र का आंदोलन समाप्त होना इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा अपडेट है। UP News
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