झांसी में ‘काली सरकार बाबा’ के नाम से चर्चित प्रदीप शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हरदोई में दर्ज पुराने लूट के मामले और उसके आपराधिक इतिहास से जुड़ा पूरा मामला जानिए।

UP News : उत्तर प्रदेश से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश का एक बहुत बड़ा चर्चित बाबा बड़ा गुंडा निकला है। उत्तर प्रदेश का यह बाबा झांसी का काली सरकार बाबा बना हुआ था कई सरकार बाबा बनकर उत्तर प्रदेश पुलिस को धोखा देने वाले इस गुंडा बाबा को उत्तर प्रदेश सरकार ने जेल भेज दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि झांसी का काली सरकार बाबा दरअसल 12 वर्षों से लूट के एक मामले में फरार चल रहा था। काली सरकार बाबा के नाम से चर्चित इस बाबा का नाम प्रदीप शुक्ला है। प्रदीप शुक्ला बड़े-बड़े अपराध कर कर काली सरकार बाबा के नाम से झांसी में छिपा हुआ था। आपको बता दें कि झांसी में ‘काली सरकार बाबा’ के नाम से चर्चित प्रदीप शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदीप शुक्ला मूल रूप से हरदोई का रहने वाला है और वहां उसका नाम हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है। वह वर्ष 2014 में दर्ज लूट के एक मामले में वांछित था। पुलिस से बचने के दौरान वह झांसी में बाबा के वेश में रह रहा था और लोगों के बीच ‘काली सरकार’ के नाम से पहचान बना चुका था। मऊरानीपुर और हरदोई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को उसकी गिरफ्तारी हुई। इस कार्रवाई के बाद बाबा के रूप में चर्चित व्यक्ति के आपराधिक अतीत का मामला सामने आया है।
प्रदीप शुक्ला उत्तर प्रदेश के हरदोई के शहर कोतवाली क्षेत्र के चौहान थोक का निवासी है। उसके खिलाफ हरदोई के अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। वर्ष 2014 में लूट से जुड़े एक मामले में वह पुलिस की तलाश में था। उसके खिलाफ दो मामलों में अदालत ने स्थायी वारंट भी जारी किए थे। अदालत में पेश नहीं होने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। हरदोई पुलिस के रिकॉर्ड में उसे हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। UP News
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पुलिस से बचने के दौरान प्रदीप शुक्ला ने झांसी में ‘काली सरकार बाबा’ के नाम से अपनी पहचान बना ली थी। वह पहले झांसी के लहचूरा क्षेत्र में रहा और बाद में मऊरानीपुर क्षेत्र के कुरैंचा गांव में रहने लगा। यहां वह ‘काली सरकार’ के नाम से दरबार लगाता था। बताया जाता है कि प्रत्येक शुक्रवार को आसपास के लोग उसके दरबार में पहुंचते थे। वह पर्ची निकालकर लोगों को उनके भविष्य के बारे में बताता था। इस तरह स्थानीय स्तर पर उसकी चर्चा होने लगी थी। UP News
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मामले में जारी स्थायी वारंट के आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश तेज की। इसके बाद मऊरानीपुर और हरदोई पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। क्षेत्राधिकारी रत्नेश्वर सिंह के हवाले से बताया गया है कि गिरफ्तारी के बाद हरदोई पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई। पुलिस की कार्रवाई का प्रमुख आधार हरदोई में दर्ज पुराना लूट का मामला और अदालत से जारी वारंट बताए गए हैं। UP News
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इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि आपराधिक मामलों में वांछित व्यक्ति किस तरह दूसरे जिले में अपनी पहचान बदलकर लंबे समय तक रह सकता है। संबंधित मामलों में अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगा। फिलहाल, प्रदीप शुक्ला उर्फ काली सरकार की गिरफ्तारी के बाद हरदोई में दर्ज पुराने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। UP News
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