बरेली में जेपी नड्डा ने कांग्रेस, सपा और विपक्षी गठबंधन पर हमला बोला। भ्रष्टाचार के आरोपों, जमानत, राहुल गांधी और अखिलेश यादव को लेकर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?

UP News : उत्तर प्रदेश की धरती से केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी दलों के खिलाफ राजनीतिक मोर्चाबंदी तेज कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने उत्तर प्रदेश के बरेली में विपक्षी दलों पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और विपक्षी गठबंधन के नेताओं को निशाने पर लेते हुए भ्रष्टाचार, जमानत और चुनावी राजनीति से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाए। UP News :
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आयोजित भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में शामिल होने पहुंचे केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में विपक्षी नेताओं की राजनीतिक भूमिका और उनके खिलाफ चल रहे मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन में ऐसे कई नेता शामिल हैं, जो भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं और जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में विपक्षी गठबंधन के उन नेताओं को निशाने पर लिया, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले दर्ज हैं या जो विभिन्न मामलों में जमानत पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कई नेता जनता के सामने लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देते हैं, जबकि उनके अपने राजनीतिक गठबंधन के नेताओं को भ्रष्टाचार के आरोपों में कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। नड्डा ने विपक्षी नेताओं की जमानत का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि जिन नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं, वे किस नैतिक आधार पर देश की राजनीति और लोकतंत्र को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने विपक्षी गठबंधन के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता ऐसे नेताओं की राजनीति को समझ रही है। उनके इस बयान को भाजपा की ओर से विपक्ष के खिलाफ चलाए जा रहे राजनीतिक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
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केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार मिलने पर विपक्षी नेता चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं। जब चुनाव में जीत मिलती है तो वही व्यवस्था उन्हें ठीक दिखाई देती है, लेकिन हार मिलने पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना ऐसे विद्यार्थियों से की, जो परीक्षा में कम अंक आने पर अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय शिक्षक को दोषी ठहराते हैं। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दल चुनाव आयोग के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के इस रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताया।
केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बरेली संबोधन का एक बड़ा हिस्सा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एसआईआर का मुद्दा उठाकर मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल चुके हैं। नड्डा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों की जांच की जा रही है, लेकिन विपक्ष इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अवैध रूप से मतदाता सूची में नाम जुड़वाकर चुनावी लाभ लिया जाता था और अब जब मतदाता सूची को दुरुस्त किया जा रहा है तो विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। जेपी नड्डा ने कहा कि देश का संचालन देश के नागरिक करेंगे, घुसपैठिये नहीं। उन्होंने विपक्ष पर घुसपैठियों के समर्थन का आरोप भी लगाया। UP News :
केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है, जबकि उसी पार्टी के शासनकाल में आपातकाल लगाया गया था और बड़ी संख्या में लोगों को बिना मुकदमे के जेल में रखा गया था। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें इंदिरा गांधी के रायबरेली से निर्वाचन को निरस्त कर दिया गया था। नड्डा ने आरोप लगाया कि इसके बाद कांग्रेस सरकार ने कानून में बदलाव किए और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का प्रयास किया।
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बरेली के इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। जयंत चौधरी ने कहा कि विपक्षी नेताओं को किसानों की समस्याओं और उनकी जरूरतों की सही जानकारी तक नहीं है। उन्होंने इथेनॉल के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष को किसानों के हितों की चिंता नहीं है। उन्होंने गन्ना किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। बरेली में जेपी नड्डा का यह संबोधन ऐसे समय में आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां तेज हो रही हैं। भाजपा और विपक्षी दलों के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की भूमिका, कथित वोट चोरी, भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर लगातार आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं। भाजपा की ओर से देश के अलग-अलग राज्यों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्राएं और जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं। बरेली में इस अभियान का नेतृत्व जेपी नड्डा ने किया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी समेत भाजपा और एनडीए के कई नेता शामिल हुए। UP News :
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