Kanpur Crime News: आरोपी ने इन वीडियो को मोबाइल की गैलरी से हटाकर गूगल ड्राइव में सेव कर दिया था ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। मामले का खुलासा तब हुआ जब गूगल के सुरक्षा सिस्टम ने संदिग्ध सामग्री की पहचान कर संबंधित पोर्टल पर अलर्ट भेजा।

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कानपुर के चमनगंज इलाके में रहने वाले एक दुकानदार को साइबर टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपनी चचेरी बहन समेत रिश्तेदारों और आसपास रहने वाली मासूम बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियो अपने मोबाइल में सुरक्षित कर रखे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने इन वीडियो को मोबाइल की गैलरी से हटाकर गूगल ड्राइव में सेव कर दिया था ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। मामले का खुलासा तब हुआ जब गूगल के सुरक्षा सिस्टम ने संदिग्ध सामग्री की पहचान कर संबंधित पोर्टल पर अलर्ट भेजा। इसके बाद साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, गूगल की ओर से एक मोबाइल नंबर से जुड़े गूगल ड्राइव पर आपत्तिजनक सामग्री होने की सूचना साझा की गई थी। यह शिकायत बाल यौन शोषण और बाल उत्पीड़न से जुड़े मामलों की निगरानी करने वाले पोर्टल पर पहुंची। सूचना मिलने के बाद सेंट्रल जोन की साइबर टीम ने मोबाइल नंबर, आईएमईआई नंबर और ई-मेल आईडी के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसे चमनगंज इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
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जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल अपने कब्जे में लिया। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल से कुल 15 आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने इन वीडियो को गैलरी से हटाकर गूगल ड्राइव में सुरक्षित रखा था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इन वीडियो को किसी अन्य ऐप, वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड तो नहीं किया गया था।
पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय आरोपी अपनी चचेरी बहन, रिश्तेदार की आठ साल की बच्ची और आसपास रहने वाली अन्य बच्चियों के वीडियो बनाता था। जांच में मिले कुछ वीडियो में आरोपी बच्चियों के साथ अनुचित हरकत करता हुआ भी दिखाई दे रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी घर के आसपास रहने वाली बच्चियों को टॉफी और चॉकलेट का लालच देकर अपने पास बुलाता था। इसके बाद वह उनके वीडियो रिकॉर्ड करता था। पुलिस इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।पुलिस के मुताबिक, आरोपी के मोबाइल में मौजूद अधिकांश ऐप्स पर लॉक लगा हुआ था। जब मोबाइल की जांच की गई तो क्रोम हिस्ट्री में अश्लील वेबसाइटों के लिंक भी मिले। पुलिस ने मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो कहीं और साझा किए गए थे या नहीं।
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि गूगल की ओर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
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