कानपुर के हाजमे वाले बुकनु को मिलने वाला है जीआई टैग, देश विदेश मे मिलेगी पहचान
कानपुर के स्वादिष्ट और हाजमे वाले बुकनु को मिलने वाला है जीआई टैग देश विदेश मे मिलेगी पहचान
Kanpur News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 03:16 AM
Kanpur News : दादी नानी के नुस्खों और खल्लर से कुटे मसालों से निकला स्वादिष्ट बुकनु हमारे हाजमे को भी दुरुस्त रखता हैं । कानपुर के इस स्वादिष्ट बुकनु ने देश मे ही नही बल्कि विदेश मे भी अपनी पहचान बनानी शुरु कर दी हैं । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुकनू को जीआइ टैग दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
कैसे मिलता हैं बुकनु को स्वाद:
कानपुर में नयागंज मसालों का गढ़ माना जाता हैं । यही से बुकनु की शुरुआत मानी जाती हैं । यहां पर घर घर मे चल रहे कुटीर उद्योग के रूप मे इसने सबको अपना स्वाद दिया हैं । कानपुर के हर नुक्कड़ की समोसे ,चाट की दुकान और होटल की थाली मे खाने को स्वादिष्ट और लजीज बनाने का काम यहीं बुकनु ही करता हैं । कुछ समय पहले बुकनु का उत्पादन जहानाबाद (फतेहपुर) मे होता था। लेकिन अब कानपुर बुकनु के उत्पादन का केंद्र बन गया है । यहां से यह भारत के अन्य राज्यों के आलावा विदेशों मे भी भेजा जाता हैं ।
36 मसालों से तैयार होता है बुकनु
दो से तीन दर्जन मसालों से तैयार किया जानें वाला बुकनु उत्तरप्रदेश की प्राचीन धरोहर हैं । पूर्वी व मध्य उत्तर प्रदेश के गांवों में वर्षों से घर-घर बुकनू बनाया जा रहा है। अब यही बुकनु कुटीर उद्योग मे और कई ब्रांड के रूप मे अपना नाम देश विदेश मे भी पहुचा रहा हैं । इस की वजह से चलने वाले उद्योगों से कई लोगों को रोजगार मिला।
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हाजमें को दुरुस्त रखता हैं बुकनु:
बुकनु को बनाने के लिये कई तरह के विशेष मसालों का उपयोग किया जाता हैं । गांव की बुजुर्ग महिलायें बुकनु के मसाले मे जड़ी बूटियों का मिश्रण भी मिलाती हैं । पुराने समय मे इस मसाले को सिलबट्टा और सिलौटी पर पीसा जाता था। अब नामचीन ब्रांडो ने इसकी जगह मसाले पीसने मे मिक्सर और ग्राइंडर का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है लेकिन स्वाद के साथ कोई समझौता नहीं किया। बुकनु कारोबारी का कहना है कि हर घर मे इसके बनाने की विधि अलग है । बुकनु हाजमे के लिये राम बाण है । यह हाजमे को दुरूस्त रखता है इसे आप किसी भी मौसम मे खा सकतें हैं । पूड़ी ,पराठे ,सब्जी सभी के साथ खा सकतें हैं ।Kanpur News
देश विदेशों तक पहुचा बुकनु का स्वाद:
उत्तरप्रदेश के गांव से निकल कर बुकनु का स्वाद दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत दूसरे प्रांतों और अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, मारीशस जैसे तमाम देशों तक गया लोग इस स्वाद को वहां ले गए। इस क्षेत्र में लगभग 10 हजार से ज्यादा कुटीर उद्योग इसका उत्पादन कर रहें हैं । औषधीय महत्व की वजह से ही बुकनू मध्यमवर्ग के साथ ही ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों में भी पसंद किया जाता है।
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