Karauli Baba : करौली आश्रम में अब मोबाइल की नो एंट्री
Karauli Baba: Now no entry of mobile in Karauli Ashram
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 03:09 PM
Karauli Baba : कानपुर। यूपी के कानपुर में नोएडा के डॉ. सिद्धार्थ चौधरी को पीटने के मामले को लेकर चर्चा में आए बिधनू के करौली सरकार डॉ. संतोष भदौरिया ने लवकुश आश्रम के अंदर की सूचनाएं लीक होने के बाद सख्ती कर दी है। आश्रम के अंदर प्रवेश करने वाले सभी कर्मचारियों के मोबाइल जमा कराए जा रहे हैं। आश्रम से अंदरूनी खबरें बाहर आने के बाद आश्रम में काम करने वाले करीब 250 कर्मचारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं बाबा पर एक और पीड़ित ने 2 लाख की ठगी करने के आरोप लगाए हैं।
आश्रम की अंदरूनी बातें बाहर जाने पर करौली बाबा ने जताई नाराजगी। आश्रम में प्रवेश करने वाले सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन जमा कराने के निर्देश। वहीं एक और पीड़ित ने ठगी के आरोप लगाए....
Karauli Baba :
अंदरूनी खबरें बाहर आने पर सख्ती
सूत्रों के अनुसार मीडिया में छाए करौली सरकार ने आश्रम में काम करने वाले करीब 250 कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आश्रम के अंदर की बातें बाहर जाने पर नाराजगी जताई है। पहले चरण में आश्रम के अंदर प्रवेश करने वाले सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन जमा कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही किसी भी कर्मचारी को किसी भी शख्स से आश्रम के विषय में बात करने से रोका गया है। बाबा ने आश्रम आने वाले मीडिया कर्मियों से भी मुलाकात करने से मना कर दिया है। रविवार को एक मीडिया हाउस के पत्रकार उनसे प्रकरण में संबंध में बात करने पहुंचे, लेकिन उन्हें बाबा का फरमान सुनाकर चलता कर दिया गया।
विदेश में आश्रम खोलने की तैयारी
लवकुश आश्रम में हो रही गतिविधियों पर एलआईयू व स्पेशल ब्रांच भी नजर बनाए हुए है। विभागीय सूत्रों के अनुसार बाबा ने यूके समेत अन्य देशों में भी जमीन खरीद रखी हैं। वहां भी जल्द आश्रम खोलने की प्लानिंग है। इसके साथ ही विदेश से भी बाबा को फंडिंग किए जाने की सूचना है। वहीं, लोगों में चर्चा है कि बाबा का पहला आश्रम लंदन में खोला जाएगा, जहां उसके बड़े बेटे की ससुराल भी है। विदेश में आश्रम की आड़ में बाबा का अपना नया अड्डा बनाने की भी चर्चा है।
पीड़ित बोला खर्च किए दो लाख, नहीं बची मां की जान
संतोष सिंह भदौरिया बीमार दुखी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें कैसे ठगता है, इसका एक और मामला प्रकाश में आया। कानपुर के गुजैनी निवासी अजय राठौर ने बताया कि कैंसर पीड़ित मां सुषमा को ठीक करने का दावा करके हवन, पूजन के नाम पर दो लाख रुपये खर्च करवा लिए। इसके बाद भी मां की मौत हो गई। अजय ने बताया कि उनकी मां को गले में कैंसर था। निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। इस बीच यू-ट्यूब चैनल पर करौली सरकार के बारे में सुना। वहीं, इलाके के भी कई लोगों ने मां को लवकुश आश्रम ले जाने की सलाह दी। जनवरी में बीमार मां को परिवार समेत लेकर लवकुश आश्रम पहुंचे। यहां बाबा के गुर्गों ने 2600 रुपये जमा कराकर करौली सरकार से मिलवाया, जिन्होंने कैंसर ठीक करने का दावा करते हुए 11 दिवसीय या एक दिवसीय हवन कराने को कहा। बातों में आकर शुरुआत में 9 दिनों की हवन की प्रति किट 3500 रुपये के हिसाब से खरीदी। इस बीच 14 जनवरी को अचानक मां की हालत बिगड़ी तो बाबा को बताया। बाबा ने कहा कि तुरंत राहत चाहिए तो 1.51 लाख रुपये जमा कराकर हवन कराओ। रुपये जमा कराकर हवन कराया। इसके बाद देर रात मां की मौत हो गई।