
Karauli Sarakar : कानपुर। यूपी के कानपुर में करौली सरकार आश्रम में डॉक्टर से मारपीट मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से मीडिया द्वारा लगातार करौली सरकार उर्फ संतोष सिंह भदौरिया का इतिहास खंगालने और मामले को राष्टीय स्तर पर हाइलाइट किये जाने से परेशान करौली सरकार द्वारा मीडिया के आश्रम में आने पर रोक लगा दी गई है। किसी भी पत्रकार को आश्रम में आने से पहले एक फॉर्म भरकर परमीशन लेनी होगी।
बता दें कि एफआईआर दर्ज होने के बाद आश्रम में लगातार देशभर से मीडियाकर्मी आ जा रहे हैं। इससे बाबा और उनके सेवादारों के साथ ही परिवार में भी दहशत है। इसी कारण बुधवार को बाबा ने परिवार के सभी सदस्यों को आश्रम से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। उस खबर को भी मीडिया ने खूब चलाया था। इस कारण अब मीडियामकर्मियों के भी आश्रम में आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जो रिपोर्टर बाबा से मिलना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए फॉर्म भरकर परमीशिन लेनी होगी। गेट पर खड़े गार्ड पहले मीडियाकर्मी से लंबी पूछताछ कर रहे हैं, उसके बाद एक फार्म भरवा रहे हैं। फार्म में अपनी पूरी जानकारी के अलावा संबंधित मीडिया हाउस के बारे में भी सब बताना होगा और फिर बाबा की इजाजत मिलने के बाद ही किसी मीडियाकर्मी को अंदर आने की परमीशन मिलेगी।
दरअसल, बुधवार को जब पुलिस ने आश्रम पहुंचकर करीब दो घंटे तक तलाशी ली, उस समय भी कई मीडियाकर्मी पुलिस के साथ अंदर पहुंच गए थे और पुलिस द्वारा पूछे गए सवालों की लिस्ट भी जारी कर दी थी। पुलिस द्वारा 2 घंटे जांच के नाम पर आश्रम में खानापूर्ति करने को भी मीडिया ने हाइलाइट किया था। इसके बाद उच्च अधिकारियों की डांट पड़ने के बाद पुनः पुलिस अधिकारी बाबा के आश्रम में बयान दर्ज करने गए थे। दबी जुबान में करौली निवासी बता रहे हैं कि पुलिस ने ही बाबा से आश्रम में मीडिया के आने पर रोक लगाने को कहा है।