
Keshari Nath Tripathi : प्रयागराज। भाजपा के वरिष्ठ नेता व यूपी विधानसभा के पूर्व स्पीकर केशरी नाथ त्रिपाठी का 88 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। आपको बता दें कि पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी एक अदभुत अधिवक्ता थे। इसके अलावा वह चमत्कारिक नेता भी थे। पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें साहित्य से भी बड़ा प्रेम था।
अदभुत वकील थे केशरी नाथ त्रिपाठी पं. केशरीनाथ त्रिपाठी ने अधिवक्ता के रूप में 1956 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पंजीकरण कराया। एक वर्ष का प्रशिक्षण एडवोकेट बाबू जगदीश स्वरूप से लिया। वर्ष 1965 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के पुस्तकालय सचिव तथा वर्ष 1987-88 एवं 1988-89 में अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वर्ष 1980 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीश का पद स्वीकार करने का प्रस्ताव आया जिसे अस्वीकार कर दिया। वर्ष 1989 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नाम निर्दिष्ट किया। संविधान संबंधी मामलों में उन्हें विशेषज्ञ माना जाता है। इस विषय पर उन्होंने पुस्तक भी लिखी।
पं. केशरीनाथ त्रिपाठी 1946 में आरएसएस के स्वयं सेवक बने। जनसंघ के स्थापना काल 1952 में उससे जुड़ गए थे। जनसंघ द्वारा 1953 में चलाए गए कश्मीर आंदोलन में सक्रियता दिखाई। इसे लेकर जेल भी गए। नैनी जेल में राजनीतिक कैदी के रूप में रहे। वर्ष 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर झूंसी विधानसभा से पहली बार विधायक चुने गए। 1977 में ही पहली बार वित्त तथा बिक्री कर मंत्री बने। इस पद पर अप्रैल 1979 तक आसीन रहे। मंत्री पद छोड़ने के बाद उन्होंने पुनः हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। भाजपा के टिकट पर वर्ष 1989, 1991, 1993, 1996 तथा 2002 में शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा सदस्य चुने गये। कुल मिलाकर छह बार विधानसभा सदस्य रहे।
Keshari Nath Tripathi30 जुलाई 1991 से 15 दिसंबर 1993 तक, 27 मार्च 1997 से मार्च 2002 तक तथा मार्च 2002 से 19 मई 2004 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के तीन बार अध्यक्ष बनने का गौरव उन्हें मिला। वह कामनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन की उत्तर प्रदेश शाखा के अध्यक्ष भी रहे। संविधान विद के रूप में उनकी ख्यात ऐसी थी कि मई 2014 में पहली बार सरकार बनने के बाद 14 जुलाई सन 2014 को उन्हें बंगाल का राज्यपाल बनाया गया। इसके बाद 27 नवम्बर 2014 को बिहार, 06 जनवरी 2015 को मेघालय व बाद में मिजोरम व त्रिपुरा तथा पुनः बिहार के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
मिल चुके हैं कई सम्मान बंगाल के पूर्व राज्यपाल पं. केशरीनाथ त्रिपाठी विधिवेत्ता होने के साथ साहित्य में भी गहरी रुचि रखते थे। काव्यधारा से खास लगाव था। उनके कई काव्य संग्रह उनकी याद दिलाएंगे हमेशा-हमेशा। राजभाषा हिंदी के विस्तार में भी बढ़ चढ़ कर सहयोग दिया, कई देशों में राजभाषा के उन्नयन के लिए गए । हिंदी से इतर साहित्यकारों को सौहार्द सम्मान से समलंकृत कर उनका समर्थन और सहयोग प्राप्त किया। विदेश में रह रहे भारतीय मूल के साहित्यकारों की साहित्य साधना का अवलोकन कर उनकी प्रतिभा का मूल्यांकन किया। सन् 1999 में छठां विश्व हिंदी सम्मेलन लंदन में हुआ, उसमें देश का प्रतिनिधित्व किया। सन् 2003 में सूरीनाम में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन में भी प्रतिभागिता की। उन्हें भारत गौरव सम्मान, विश्व भारती सम्मान, उत्तर प्रदेश रत्न सम्मान, हिंदी गरिमा सम्मान, आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान, साहित्य वाचस्पति सम्मान, अभिषेकश्री सम्मान, बागीश्वरी सम्मान, चाणक्य सम्मान (कनाडा में) , काव्य कौस्तुभ सम्मान जैसे सम्मान उन्हें मिले थे।
साहित्य में रूचि साहित्य साधन पर नजर दौड़ाएं तो पूर्व राज्यपाल के नाम सात कविता संग्रह तथा एक दोहा संग्रह है। काव्य संग्रहों में ‘मनोनुकृति’, ‘आयु पंख’, ‘चिरंतन’, ‘उन्मुक्त’ ,‘मौन और शून्य’, जख्मों पर सबाब , खयालों का सफर शामिल है। एक दोहा संग्रह ‘निर्मल दोहे’ के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2015 में सभी काव्य संग्रहों को मिला कर डा. प्रकाश त्रिपाठी के संपादन में ‘संचयिता : केशरीनाथ त्रिपाठी’ का प्रकाशन हुआ। उनके भाषणों का संकलन भी है ‘समय-समय पर’ नाम से। द इमिजेज (मनोनुकृति का अंग्रेजी में अनुवाद) तथा मनोनुकृति काव्य संग्रह पर आलोचनात्मक कृति मनोनुकृति : रचना और आलोचना (स.प्रकाश त्रिपाठी ) पुस्तकें भी उन्होंने लिखीं।
इन नेताओं ने जताया शोक
नेता केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट में लिखा है कि -“श्री केशरी नाथ त्रिपाठी जी को उनकी सेवा और बुद्धि के लिए हमेशा याद किया जाएगा। वे संवैधानिक मामलों के अच्छे जानकार थे। उन्होंने यूपी में बीजेपी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राज्य की प्रगति के लिए कड़ी मेहनत की। उनके निधन से आहत हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। शांति।”
मुख्यमंत्री योगी ने ट्वीट कर कहा कि वरिष्ठ राजनेता, भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्य, प. बंगाल के पूर्व राज्यपाल आदरणीय केशरी नाथ त्रिपाठी जी का निधन अत्यंत दुःखद है। प्रभु श्री राम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति!
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल, यूपी के गौरव, हम सभी कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शक आदरणीय पं केशरी नाथ त्रिपाठी जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं। भारतीय जनसंघ से भाजपा तक जीवन भर कार्य करने वाले पंडित जी का निधन पार्टी व राजनीतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतृप्त परिजनों व समर्थकों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर कहा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल आदरणीय केशरी नाथ त्रिपाठी जी के निधन से मन अत्यंत व्यथित है, ईश्वर गोलोकवासी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिजनों व शुभ चिंतकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।