साध्वी हर्षा को लेकर अखाड़ों में ठनी, फिर होंगी शाही रथ पर सवार
Mahakumbh 2025
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 09:58 PM
Mahakumbh 2025 : साध्वी हर्षा रिछारिया को अखाड़ों की शाही सवारी करने को लेकर महाकुंभ में आए अखाड़ों में ठन गई है, और यह विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सबसे पहले मकर संक्रांति पर मॉडल हर्षा रिछारिया की शाही सवारी को लेकर अखाड़ों में काफी विवाद हुआ था। रविवार को दोपहर बाद श्रीपंचायती निरंजनी अखाड़े के शिविर में पहुंचीं मॉडल हर्षा को संतों ने बेटी के रूप में नवाजा। अब निरंजनी अखाड़े ने एक बार फिर हर्षा को शाही रथ पर बैठाने की घोषणा करके विवाद को हवा दे दी है। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य द्वारा एतराज जताए जाने के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने इस विवाद को फिर से हवा दे दी है। देखना है यह विवादित मुद््दा अखाड़ों द्वारा कैसे हल किया जाता है।
फिर निरंजनी अखाड़े के शाही रथ पर सवार होंगी साध्वी हर्षा
यहां अखाड़ा परिषद और निरंजनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने मॉडल हर्षा रिछारिया को लेकर एक बार फिर विवादित फैसला ले लिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ के सबसे बड़े अमृत स्नान पर्व पर वह स्वयं मॉडल हर्षा को निरंजनी अखाड़े के शाही रथ पर सवार कर संगम तक ले जाएंगे, ताकि वो संतों के साथ भगवा वेश में त्रिवेणी की पावन धारा में पुण्य की डुबकी लगा सकें। उनके इस फैसले से एक बार फिर अखाड़ों में ठन गई है। अन्य अखाड़ों का कहना है कि एक मॉडल को साध्वी के रूप में अखाड़े की शाही रथ पर बैठाना सर्वथा अनुचित है।
विवाद बढ़ने की संभावना
शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि मॉडल हर्षा को एक बार फिर शाही सवारी करवाने का जो ऐलान किया है यह कदम महंत रवींद्र पुरी को नहीं उठाना चाहिए। वह अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष भी हैं और सनातन धर्म की रक्षा की जिम्मेदारी उन पर है। उन्होंने कहा कि महंत रविंद्र पुरी को मॉडल को दोबारा शाही रथ पर सवार कराने का अपना इरादा त्याग देना चाहिए। मॉडल हर्षा रिछारिया को दोबारा शाही रथ पर बैठाकर संगम ले जाने के निरंजनी अखाड़े के अध्यक्ष के ऐलान के बाद संन्यास और सौंदर्य के बीच संतों में मचा घमासान तेज हो सकता है। इस निर्णय से धार्मिक परंपराओं और आधुनिकता के बीच एक नया तनाव उत्पन्न हो सकता है। देखना है अखाड़ों में छिड़ा हुआ घमासान कौन सा मोड़ लेता है। Mahakumbh 2025