पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र के मवैया गांव में निर्माणाधीन पुलिया का काम अधूरा होने से स्कूली बच्चों की जान जोखिम में है। करीब सात फीट गहरी खाई पर बिजली के सीमेंटेड खंभे रखकर अस्थायी रास्ता बनाया गया है। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल जा रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर क्षेत्र के मवैया गांव में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां निर्माणाधीन पुलिया का काम अधूरा होने के कारण ग्रामीणों ने बिजली के सीमेंटेड खंभों को रखकर अस्थायी रास्ता बना लिया है। इसी खतरनाक रास्ते से छोटे-छोटे बच्चे रोजाना स्कूल जाने को मजबूर हैं। करीब सात फीट गहरी खाई के ऊपर रखे इन खंभों पर संतुलन बनाकर गुजरते बच्चों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग की ओर से मवैया गांव से रामपुर अमृत गांव तक करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 85 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सड़क के साथ एक पुलिया का निर्माण भी प्रस्तावित है, लेकिन काम अधूरा होने के कारण ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि पुलिया के पास करीब सात फीट गहरी खाई है। इसे पार करने के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में ग्रामीणों ने बिजली के सीमेंटेड खंभे रखकर अस्थायी पुल जैसा रास्ता बना लिया है। इसी के सहारे लोग खाई पार कर रहे हैं।
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इस रास्ते से गुजरने वाले बच्चों की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। गांव के बच्चों को करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित एलकेटी इंटरनेशनल स्कूल जाना होता है। पुलिया का निर्माण अधूरा होने के कारण उन्हें भी इसी अस्थायी रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बच्चे बिजली के सीमेंटेड खंभों पर संतुलन बनाते हुए खाई पार करते दिखाई दे रहे हैं। जरा सी चूक होने पर उनके नीचे गिरने और गंभीर रूप से घायल होने का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति ने बच्चों की सुरक्षा और निर्माण कार्य की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। UP News :
ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिया निर्माण का ठेका रामनरेश को दिया गया है और काम मई महीने में शुरू कराया गया था। बताया गया है कि निर्माण कार्य नौ महीने में पूरा किया जाना है। हालांकि, पुलिया का काम अधूरा रहने से ग्रामीणों को रोजाना जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि खंभों से बनाया गया यह अस्थायी रास्ता टूट गया या कोई बच्चा संतुलन खोकर खाई में गिर गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल ग्रामीणों को पुलिया का निर्माण पूरा होने और सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराए जाने का इंतजार है।
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मवैया गांव की यह स्थिति निर्माणाधीन सड़क और पुलिया के काम में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को सामने लाती है। सवाल यह है कि जब तक पुलिया का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? वायरल वीडियो के बाद अब संबंधित विभाग की जिम्मेदारी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। UP News :
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