कैंट विधानसभा क्षेत्र के सदर इलाके में कुछ लोगों पर आरोप लगा कि वे बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा वसूलने आए थे। स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि इन लोगों ने घरों और दुकानों में जबरन प्रवेश कर चंदा मांगने का प्रयास किया।

UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 फरवरी के कार्यक्रम से पहले विवाद खड़ा हो गया। कैंट विधानसभा क्षेत्र के सदर इलाके में कुछ लोगों पर आरोप लगा कि वे बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा वसूलने आए थे। स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि इन लोगों ने घरों और दुकानों में जबरन प्रवेश कर चंदा मांगने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दौरान कुछ बाहरी लोग, जो कश्मीर, बंगाल और असम से आए थे, शहर में घर-घर जाकर चंदा मांग रहे थे। विवाद बढ़ने पर लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना ने प्रशासन और स्थानीय समुदाय में चिंता पैदा कर दी। कैंट के विधायक अमित अग्रवाल मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम से पहले इस तरह की संदिग्ध गतिविधियाँ किसी भी हाल में हल्के में नहीं ली जानी चाहिए। विधायक ने मामले की गहन जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रमजान के महीने में हर साल कुछ लोग अलग-अलग राज्यों से आकर चंदा इकट्ठा करते हैं। पुलिस ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी, उन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया गया और जांच के बाद उन्हें वापस उनके राज्यों में भेज दिया गया।
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद वह इस मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे और गृह सचिव को भी पत्र लिखेंगे। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में ऐसी किसी भी गतिविधि पर निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। UP News