उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत कामकाज की धीमी प्रगति पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। समीक्षा बैठक में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने में कमी मिलने पर छह खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) का अक्टूबर महीने का वेतन रोक दिया गया है।

UP News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत कामकाज की धीमी प्रगति पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने में कमी मिलने पर छह खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) का अक्टूबर महीने का वेतन रोक दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अंजूलता ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में प्रगति में सुधार नहीं होने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद संबंधित विकास खंडों में योजना के क्रियान्वयन को लेकर जवाबदेही बढ़ गई है। अधिकारियों से रोजगार उपलब्ध कराने के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने और कामकाज में तेजी लाने की अपेक्षा की गई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, महाराजगंज, खीरों, डीह, सरेनी, डलमऊ और छतोह विकास खंडों में रोजगार उपलब्ध कराने की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। समीक्षा में महाराजगंज ब्लॉक की स्थिति सबसे कमजोर बताई गई। आंकड़ों के मुताबिक, महाराजगंज में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 32 प्रतिशत, डीह में 40 प्रतिशत और छतोह में 43 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। इन आंकड़ों को लेकर प्रशासन ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
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रिपोर्ट के अनुसार, 12 अक्टूबर को विशेष रोजगार सृजन दिवस आयोजित किया गया था। इस दौरान पूरे जिले में करीब 67 हजार श्रमिकों को काम उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। हालांकि, इसके बाद योजना की प्रगति अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी।ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य जरूरतमंद श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर काम उपलब्ध कराना और आजीविका के लिए दूसरे स्थानों पर जाने की मजबूरी कम करना है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप रोजगार उपलब्ध नहीं होने पर प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का कदम उठाया है।
मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता के अनुसार, योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर छह बीडीओ का अक्टूबर महीने का वेतन रोकने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में कामकाज में सुधार नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार योजना के तहत काम की गति बढ़ाना और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। समय पर काम नहीं मिलने से जरूरतमंद श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है और उन्हें रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ सकता है। ऐसे में रायबरेली में छह बीडीओ का वेतन रोके जाने की कार्रवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विकास खंडों में रोजगार उपलब्ध कराने की प्रगति कितनी तेजी से सुधरती है और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। UP News:
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