मिर्जापुर में चेरूईराम कंपोजिट विद्यालय के करीब 470 बच्चों ने रास्ते की मांग को लेकर धरना दिया। बच्चों को बारिश में खेत और कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है।

UP News: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिला में प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने का मामला अब विरोध प्रदर्शन तक पहुंच गया है। चेरूईराम कंपोजिट विद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों ने सोमवार को स्कूल जाने के बजाय रास्ते में धरना दिया। बच्चों का आरोप है कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए उन्हें खेतों और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। बताया गया कि जनपद मुख्यालय के नजदीक स्थित इस विद्यालय में करीब 470 बच्चे पढ़ते हैं। बारिश के दिनों में विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता और अधिक मुश्किल हो जाता है। कीचड़ और पानी के बीच से होकर बच्चों के साथ शिक्षकों को भी स्कूल पहुंचना पड़ता है।
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मिर्जापुर के सीटी ब्लॉक क्षेत्र में स्थित चेरूईराम कंपोजिट विद्यालय में आने-जाने के लिए सुगम रास्ते का अभाव बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के दौरान समस्या गंभीर हो जाती है और बच्चों को खेतों के रास्ते विद्यालय तक पहुंचना पड़ता है।
विद्यालय में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं, ऐसे में रास्ते की समस्या उनके रोजाना आवागमन को प्रभावित कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
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रास्ते की समस्या के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे धरने पर बैठ गए। इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता रोहित शुक्ला ‘लल्लू’ समेत पार्टी से जुड़े लोग भी विद्यालय के सामने धरने में शामिल हुए। धरने के जरिए सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते की समस्या की ओर आकर्षित किया गया। बच्चों के धरने पर बैठने से मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
सपा नेता रोहित शुक्ला ‘लल्लू’ ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की ओर से छात्रों तथा गरीब और वंचित वर्ग की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने विद्यालय तक जाने वाले रास्ते की स्थिति को गंभीर बताते हुए जल्द से जल्द सुगम मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की।
रोहित शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही विद्यालय तक पहुंचने के लिए रास्ते की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी की ओर से बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के घेराव का भी कदम उठाया जा सकता है। अब स्थानीय लोगों और अभिभावकों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब 470 बच्चों की रोजमर्रा की परेशानी को देखते हुए विद्यालय तक सुरक्षित और सुगम रास्ता कब उपलब्ध कराया जाएगा। UP News:
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