उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई थाना क्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ की नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मैनपुरी की रहने वाली एक महिला ने भाऊपुर गांव निवासी सत्यपाल यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में नर्सिंग स्टाफ की नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मैनपुरी की रहने वाली एक महिला ने सैफई थाना क्षेत्र के भाऊपुर गांव निवासी सत्यपाल यादव पर नौकरी दिलाने और ज्वाइनिंग लेटर देने का भरोसा देकर रुपये लेने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि करीब चार साल बीत जाने के बाद भी उसे न तो नौकरी मिली और न ही उसकी रकम वापस की गई। अब पीड़िता ने सैफई थाने पहुंचकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता के मुताबिक, करीब चार वर्ष पहले उसे नर्सिंग स्टाफ के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोप है कि आरोपी ने नौकरी के साथ ज्वाइनिंग लेटर उपलब्ध कराने की बात कही थी। इसी भरोसे में आकर महिला ने चार लाख रुपये दे दिए। महिला का कहना है कि उसने नौकरी की उम्मीद में अपनी मेहनत की कमाई आरोपी को सौंपी थी। उसे विश्वास था कि जल्द ही उसकी नियुक्ति हो जाएगी, लेकिन काफी समय गुजरने के बाद भी नौकरी से संबंधित कोई प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। UP News:
पीड़िता का आरोप है कि जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली तो उसने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी। हालांकि, कथित तौर पर उसे पैसे वापस नहीं किए गए। चार साल से अधिक समय बीतने के बावजूद रकम नहीं मिलने पर महिला ने अब पुलिस से शिकायत की है।
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इस मामले से जुड़ी नौकरी और ज्वाइनिंग लेटर को लेकर बातचीत का एक कथित वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह प्रकरण चर्चा में आ गया है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें मौजूद बातचीत की प्रामाणिकता की जांच होना अभी बाकी है। UP News:
चार लाख रुपये की कथित ठगी के इस मामले में अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। महिला के आरोपों, रुपये के लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों और प्रसारित वीडियो की निष्पक्षता से पड़ताल जरूरी है। पुलिस को शिकायत के आधार पर दोनों पक्षों को सुनकर पूरे मामले की जांच करनी चाहिए। यदि जांच में नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने और धोखाधड़ी करने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल महिला को चार साल बाद भी अपनी रकम और न्याय मिलने का इंतजार है। UP News:
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