उत्तर प्रदेश के पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कभी बसपा प्रमुख मायावती के करीबी माने जाने वाले राम बहादुर भाजपा से भी जुड़े रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी में नए नेताओं के शामिल होने का सिलसिला जारी है। सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। राम बहादुर पहले बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से भी जुड़े रहे हैं। उन्हें बसपा प्रमुख मायावती का करीबी माना जाता रहा है। प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। UP News
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राम बहादुर उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। उनके प्रशासनिक कार्यकाल में गोंडा के जिलाधिकारी और लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जैसे पद शामिल रहे हैं। सपा में शामिल होने के मौके पर अखिलेश यादव ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने राम नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि राम जिनके नाम में हों, उनके जुड़ने से सारे काम बन जाएंगे। UP News
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इस अवसर पर पूर्व मंत्री दारा सिंह प्रजापति, बदायूं की बिसौली सीट से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और चन्द्रप्रकाश मिश्रा सहित कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा। पार्टी में शामिल होने वाले अन्य लोगों में प्रदीप पांडेय, सौरभ सिंह गांधी, बलबीर पाल, मानिक चंद और जनक सिंह लोधी के नाम भी शामिल हैं।m अखिलेश यादव ने इस दौरान आरक्षण के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर खिलवाड़ किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। UP News
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए योजनाओं को पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा। उनके मुताबिक, जरूरतमंदों को मकान उपलब्ध कराने और उन मकानों पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली की सुविधा देने की योजना भी प्रस्तावित है। अखिलेश यादव ने आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने की बात भी कही। इन घोषणाओं को पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इन प्रस्तावों का विस्तृत स्वरूप पार्टी के घोषणापत्र और संबंधित नीतिगत दस्तावेजों से स्पष्ट होगा। UP News
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची की विसंगतियां दूर नहीं हो रही हैं और आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ने की मांग दोहराई। उन्होंने मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने की भी बात कही। सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची में सुधार और पहचान संबंधी सुरक्षा उपायों पर जोर दिया। उनके इन बयानों पर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सत्यापन को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। UP News
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