उत्तर प्रदेश की दो युवतियों ने पति-पत्नी बन साथ रहने की जिद पर छोड़ा घर, मांगी सुरक्षा

दो युवतियां अपने-अपने घर छोड़कर एक साथ रहने निकल पड़ीं। दोनों रविवार रात बिलारी थाने पहुंचीं और अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। युवतियों का कहना था कि वे एक-दूसरे को जीवनसाथी मान चुकी हैं और अब कोई भी उन्हें अलग नहीं कर सकता।

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एक-दूसरे को जीवनसाथी मान चुकी युवतियां
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar04 Feb 2026 01:08 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक असामान्य लेकिन चर्चा में रहने वाला मामला सामने आया है। यहां दो युवतियां अपने-अपने घर छोड़कर एक साथ रहने निकल पड़ीं। दोनों रविवार रात बिलारी थाने पहुंचीं और अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। युवतियों का कहना था कि वे एक-दूसरे को जीवनसाथी मान चुकी हैं और अब कोई भी उन्हें अलग नहीं कर सकता। यह घटना भगतपुर थाना क्षेत्र से जुड़ी है। बताया गया कि परिजनों ने दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपने फैसले पर अडिग रहीं। पुलिस के सामने भी युवतियों ने साफ कहा कि वे पति-पत्नी की तरह साथ रहना चाहती हैं और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाएंगी।

दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता

जानकारी के अनुसार, भगतपुर क्षेत्र की एक युवती की बुआ रामपुर जिले के टांडा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहती हैं। करीब एक साल पहले युवती वहां कुछ दिनों के लिए गई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात पड़ोस में रहने वाली दूसरी युवती से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और मोबाइल के जरिए संपर्क बना रहा। शुरुआत में परिजनों ने इसे सामान्य दोस्ती समझा, लेकिन समय के साथ दोनों के रिश्ते गहरे होते चले गए। रामपुर की युवती कई बार भगतपुर आकर उससे मिली। अंतत: दोनों ने एक साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।

एक ही दिन छोड़ा घर

31 जनवरी की सुबह भगतपुर की युवती घर से निकल गई, वहीं उसी दिन रामपुर की युवती भी अपने घर से चली गई। दोनों मुरादाबाद पहुंचीं, जहां उन्होंने एक-दूसरे को जीवनसाथी मानते हुए साथ रहने की घोषणा की। दोनों युवतियों के अचानक गायब होने से उनके परिवार परेशान हो गए। एक की गुमशुदगी भगतपुर थाने में और दूसरी की टांडा थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस उनकी तलाश कर ही रही थी कि इसी बीच दोनों खुद थाने पहुंच गईं।

पुलिस ने दर्ज कराए बयान

युवतियों को रात में वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। अगले दिन पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और कोर्ट में बयान दर्ज कराए। बयान में युवती ने कहा कि वह बालिग हैं, उसने अपनी मर्जी से रिश्ता चुना है और अपनी साथी के साथ रहना चाहती है। परिजन वन स्टॉप सेंटर पहुंचे और युवतियों को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वे अलग होने को तैयार नहीं हुईं। आखिरकार, कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद दोनों युवतियां साथ चली गईं। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि युवती के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और वह अपनी इच्छा से रामपुर की युवती के साथ गई है। कानून के अनुसार, बालिग होने और सहमति के चलते पुलिस ने उन्हें साथ रहने से नहीं रोका।

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गाजियाबाद में दर्दनाक हादसा, 9वीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने दी जान

घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि परिवार सदमे में है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती संकेतों में मोबाइल गेमिंग की लत, घर में बढ़ता तनाव और पढ़ाई से दूरी जैसी बातें सामने आ रही हैं।

गाजियाबाद ट्रिपल डेथ केस
गाजियाबाद ट्रिपल डेथ केस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar04 Feb 2026 11:40 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गाजियाबाद के टीला मोड़ इलाके की एक हाई-राइज सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों की एक साथ मौत हो गई। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि परिवार सदमे में है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती संकेतों में मोबाइल गेमिंग की लत, घर में बढ़ता तनाव और पढ़ाई से दूरी जैसी बातें सामने आ रही हैं।

मोबाइल फॉरेंसिक जांच में जुटी पुलिस

परिजनों के मुताबिक तीनों बहनें लंबे समय से मोबाइल पर एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम/कंटेंट में अत्यधिक समय दे रही थीं। परिवार इसे लेकर परेशान था और कई बार उन्हें समझाया भी गया। पुलिस को घटनास्थल से मोबाइल फोन मिले हैं जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या किसी ऐप/ऑनलाइन ग्रुप से दबाव, टास्क या मनोवैज्ञानिक ट्रिगर तो नहीं जुड़ा था ।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान से जुड़ेगा पूरा केस-फ्रेमवर्क

सूत्रों/परिवार की जानकारी के आधार पर पुलिस यह भी खंगाल रही है कि बच्चियां पढ़ाई और स्कूल रूटीन से काफी समय से कट रही थीं या नहीं। अगर ऐसा था, तो यह संकेत देता है कि समस्या केवल मोबाइल इस्तेमाल नहीं, बल्कि रूटीन टूटना, सोशल आइसोलेशन, और मानसिक दबाव जैसी बड़ी तस्वीर का हिस्सा हो सकती है। पुलिस इस एंगल से भी पड़ताल कर रही है कि बच्चियों के व्यवहार में बदलाव कब से शुरू हुआ और परिवार/स्कूल स्तर पर क्या संकेत मिले थे। पुलिस को एक नोट मिलने की बात सामने आई है, जिसमें परिवार से माफी और गेम को लेकर भावनात्मक लगाव जैसा संकेत बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी इसे सबूतों के साथ जोड़कर देख रही है। मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोन डेटा, चैट/ऐप एक्टिविटी और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। UP News

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21 मामलों का हिस्ट्रीशीटर… कौन था बनारसी यादव, जिसे पुलिस ने मार गिराया?

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र में बारियासनपुर रिंग रोड के पास उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। टीम ने इलाके को चारों ओर से घेरकर उसे सरेंडर का अवसर दिया, लेकिन उसने हथियार डालने की बजाय फायरिंग शुरू कर दी।

काशी में ढेर हुआ बनारसी यादव
काशी में ढेर हुआ बनारसी यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar04 Feb 2026 10:14 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ तेज हुई कार्रवाई के बीच वाराणसी से बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस और उत्तर प्रदेश STF की संयुक्त टीम ने कुख्यात शूटर बनारसी यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र में बारियासनपुर रिंग रोड के पास उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। टीम ने इलाके को चारों ओर से घेरकर उसे सरेंडर का अवसर दिया, लेकिन उसने हथियार डालने की बजाय फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हुआ और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनकाउंटर के बाद मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज/तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और किस नेटवर्क के लिए काम कर रहा था।

महेंद्र गौतम हत्याकांड में सामने आया था सामने नाम

बनारसी यादव का नाम 21 अगस्त 2025 को हुए चर्चित हत्याकांड में प्रमुख रूप से उभरा था। उस दिन सारनाथ क्षेत्र के अरिहंत नगर कॉलोनी (फेज-2) में बाइक सवार बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे जमीन/प्रॉपर्टी विवाद की आशंका थी और कथित तौर पर करीब 40 बिस्वा जमीन को लेकर तनाव चल रहा था, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई गई।

21 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर था बनारसी यादव

जांच में यह भी सामने आया कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे करीब 5 लाख रुपये की सुपारी का खेल था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना के वक्त अरविंद यादव उर्फ फौजी (कल्लू) और विशाल की मौजूदगी का भी उल्लेख है। बताया जा रहा है कि बाइक की कमान विशाल के हाथ में थी, जबकि ट्रिगर दबाने वालों में बनारसी यादव और अरविंद के नाम सामने आए। वारदात के बाद से बनारसी उत्तर प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले तक ठिकाने बदलता रहा। पुलिस के अनुसार, बनारसी के खिलाफ वाराणसी समेत अलग-अलग जिलों में हत्या, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 21 मुकदमे दर्ज थे।  UP News

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