अलंकार अग्निहोत्री के त्याग पत्र को उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वीकार नहीं किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुशासनहीनता के आरोप में अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद से ही अलंकार अग्निहोत्री आंदोलन के रास्ते पर चल रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है। UGC के नियमों के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्रिहोत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST ACT) को चुनौती दी है। अलंकार अग्निहोत्री ने घोषणा की है कि यदि SC/ST ACT को समाप्त नहीं किया गया तो 7 फरवरी से बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री हाल ही में चर्चा में आए हैं। कुछ दिन पूर्व अलंकार अग्रिहोत्री ने UGC नियमों के विरोध में उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के नगर मजिस्ट्रेट के पद से त्याग-पत्र दे दिया था। अलंकार अग्निहोत्री के त्याग पत्र को उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वीकार नहीं किया है। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुशासनहीनता के आरोप में अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद से ही अलंकार अग्निहोत्री आंदोलन के रास्ते पर चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा UGC के नए नियमों पर पाबंदी लगने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने बड़ी घोषणा कर दी है। अलंकार अग्निहोत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि देश में चल रहे SC/ST ACT को समाप्त कराने के लिए उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे देश में बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।
आंदोलन की राह पर चल रहे उत्तर प्रदेश के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री वाराणसी पहुंच गए। वाराणसी में अलंकार अग्रिहोत्री ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से आर्शीवाद प्राप्त किया। आशीर्वाद लेने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने SC/ST ACT के विरूद्ध बड़ा आंदोलन करने की घोषणा कर दी। यह घोषणा करते हुए अलंकार अग्रिहोत्री ने कहा कि अगर 6 फरवरी तक केंद्र सरकार SC/ST ACT को खत्म करने का फैसला नहीं करती है, तो 7 फरवरी से देशभर के लोग दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने इसे केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि देश की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की शुरुआत बताया। उनका कहना है कि वह 35 वर्षों से SC/ST ACT की विभीषिका को समाज में देख रहे हैं और यह कानून देश को जोडऩे की बजाय तोडऩे का काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक विभाजनकारी कानून है, जिसे सोच-समझकर लागू किया गया था और इसका दुरुपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से हुई मुलाकात को लेकर उत्तर प्रदेश के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि महाराज जी इस समय मौन व्रत पर हैं, इसलिए अधिक बातचीत नहीं हो पाई. उन्होंने लिखकर उनका हाल-चाल पूछा और आशीर्वाद दिया. अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि किसी भी बड़े और अच्छे कार्य से पहले गुरुजनों का आशीर्वाद लेना भारतीय परंपरा है, और इसी भावना के तहत वह वाराणसी पहुंचे थे. उनके मुताबिक, शंकराचार्य से मिला आशीर्वाद उनके आंदोलन को नैतिक और आध्यात्मिक बल देगा। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और समाज को अलग-अलग खांचों में बांटकर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि दोनों का उद्देश्य समाज का कल्याण होना चाहिए। अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 6 फरवरी तक संसद का विशेष सत्र बुलाकर SC/ST ACT को समाप्त नहीं किया गया, तो 7 फरवरी से देशभर से लोग दिल्ली की ओर कूच करेंगे। उनका दावा है कि यह आंदोलन अब किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में इसके लिए माहौल बन चुका है। उन्होंने बेहद तीखे शब्दों में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में इस समय वेस्ट इंडिया कंपनी की सरकार चल रही है, जिसके सीईओ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एमडी गृह मंत्री अमित शाह हैं। उनके मुताबिक, अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो जनता सत्ता परिवर्तन के लिए सडक़ों पर उतर आएगी।
अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि 7 फरवरी को देश में ऐसा नजारा देखने को मिलेगा, जो पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि अगर SC/ST ACT नहीं हटाया गया, तो देश की जनता मौजूदा सत्ता को बेदखल करने का मन बना चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि UGC द्वारा लाया गया नया रेगुलेशन सरकार के लिए आत्मघाती साबित होगा. उनका आरोप है कि इस फैसले से सरकार ने अपना कोर वोटर ही नाराज कर दिया है और अगर मौजूदा हालात में चुनाव हुए तो सत्ताधारी दल को देशभर में शून्य सीटें मिल सकती हैं। अलंकार अग्निहोत्री का मानना है कि UGC का नया रेगुलेशन देश में सामाजिक तनाव बढ़ाने वाला है। उन्होंने दावा किया कि अगर यह रेगुलेशन पूरी तरह लागू हो गया होता, तो देश में सिविल वॉर जैसी स्थिति बन सकती थी। उनके अनुसार, सरकार ने बिना जमीनी हकीकत समझे ऐसे नियम बना दिए, जिनसे समाज में वर्गों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई. उन्होंने कहा कि मूल लड़ाई SC/ST ACT की है। UP News