क्या पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में दो एसडीएम समेत तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज होने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है ? शहर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में नाम और ईपीआईसी आईडी से जुड़े विवरणों में बदलाव के आरोपों के बाद प्रशासन ने क्या कार्रवाई की ?

UP News : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में नाम और पहचान संबंधी विवरणों में कथित हेरफेर के मामले में दो एसडीएम और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि मतदाता सूची के संशोधन के दौरान कुछ मतदाताओं के नाम और ईपीआईसी (EPIC) आईडी से जुड़े विवरणों में बदलाव किए गए। मामले में समाजवादी पार्टी ने भी सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की है। UP News
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मिली जानकारी के अनुसार, पीलीभीत की शहर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद जांच कराई गई। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम मयंक गोस्वामी, एसडीएम हेमंत चौधरी और कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। बताया गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के दौरान दोनों एसडीएम निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई है। एसडीएम मयंक गोस्वामी को पूरनपुर और एसडीएम हेमंत चौधरी को अमरिया से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवा समाप्त किए जाने की बात भी कही गई है। UP News
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मामले में आरोप है कि जुलाई से सितंबर के बीच मतदाता सूची में कुछ लोगों के नाम और ईपीआईसी आईडी से जुड़े विवरणों में बदलाव किए गए। शिकायतों में कथित तौर पर शानू का नाम अयान और तौफीक का नाम तुषार किए जाने जैसे उदाहरण भी सामने आए हैं। आरोप है कि इस तरह के बदलाव से संबंधित मतदाताओं को मतदान करने में परेशानी हो सकती थी। खबर के मुताबिक, शहर विधानसभा क्षेत्र में करीब 13 हजार मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी और लगभग 16 हजार मतदाताओं के विवरण में कथित हेरफेर की शिकायतें सामने आई थीं। आवास विकास क्षेत्र के निवासी फैजान और फरहान ने भी 15 अक्टूबर को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। उन्होंने अपनी ईपीआईसी आईडी से जुड़े विवरणों में गलत नाम दर्ज होने का मुद्दा उठाया था। UP News
मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इस मामले को पार्टी की ओर से उठाया गया था और अखिलेश यादव के निर्देश पर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शिकायत की गई थी। धर्मेश गंगवार ने आरोप लगाया कि शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और प्रदेश सरकार में गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार के दबाव में कथित अनियमितताएं की गईं। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में बदलाव का उद्देश्य कुछ मतदाताओं को मतदान से वंचित करना था। UP News
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