प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब 60 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुंडा तहसील में तहसीलदार की सरकारी आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर तीन लाख से अधिक लोगों के नाम किसान के रूप में दर्ज किए गए।

UP News : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी पोर्टल पर तहसीलदार की आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर तीन लाख से अधिक लोगों के नाम किसान के रूप में दर्ज किए गए। इस मामले में करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितता की बात सामने आई है। कुंडा तहसील से जुड़े इस प्रकरण में साइबर थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। UP News
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मिली जानकारी के अनुसार, कुंडा तहसील में संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में तैनात अनुराग गुप्ता पर तहसीलदार की सरकारी पोर्टल आईडी और पासवर्ड हासिल कर उसका दुरुपयोग करने का आरोप है। दावा है कि इस आईडी का इस्तेमाल कर जनसेवा केंद्र संचालकों के माध्यम से पोर्टल पर अपात्र लोगों के नाम दर्ज कराए गए। हालांकि, मामले में आरोपों और उनकी पुष्टि से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। UP News
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प्रकरण में आरोप है कि ऐसे लोगों के नाम भी किसान के रूप में दर्ज किए गए, जिनके पास कृषि भूमि नहीं थी। कथित तौर पर प्रतापगढ़ के अलावा दूसरे जिलों और अन्य राज्यों के लोगों के नाम भी पोर्टल पर जोड़े गए। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह सरकारी योजना के सत्यापन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। UP News
बताया गया है कि साइबर थाना पुलिस ने शिव कुमार गुप्ता, अनुराग गुप्ता और जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से आईफोन, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बायोमेट्रिक उपकरण बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस कथित फर्जीवाड़े में धन के लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। UP News
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी लॉगिन और पासवर्ड का कथित दुरुपयोग इतने बड़े स्तर पर कैसे हुआ। क्या फर्जी नामों के सत्यापन में भी लापरवाही हुई और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग शामिल हैं? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल, आरोपों को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय पुलिस जांच और आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार जरूरी है। UP News
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