प्रयागराज के मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने सेना, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए), नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया। क्या इस योजना से प्रयागराज के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी ?

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने किया नेहरू पार्क का स्थलीय निरीक्षण, ड्रोन सर्वेक्षण के बाद तैयार होगी डीपीआर; झील की सफाई और जलशोधन का काम भी होगा शुरू
UP News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पर्यटन और मनोरंजन सुविधाओं को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। शहर के 30 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले नेहरू पार्क को मिनी सफारी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस योजना के साकार होने पर यहां आने वाले लोगों को प्रकृति के करीब समय बिताने, हिरण और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को देखने तथा बच्चों को वन्यजीवों और पर्यावरण के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। पार्क में प्रवेश प्लाजा, मड ट्रैक और शैक्षिक प्रदर्शनियों सहित कई सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने सेना, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए), नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ नेहरू पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पार्क के प्राकृतिक स्वरूप, भू-आकृति, उपलब्ध भूमि और विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। UP News

नेहरू पार्क को मिनी सफारी के रूप में विकसित करने की योजना के तहत इसके प्राकृतिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं तैयार की जाएंगी। प्रस्तावित योजना में प्रवेश प्लाजा और मड ट्रैक विकसित किए जाने के साथ हिरण एवं पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को लाने की व्यवस्था पर विचार किया गया है। पार्क में बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए शैक्षिक प्रदर्शनियां और अन्य ज्ञानवर्धक प्रदर्श भी स्थापित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य बच्चों को प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति जागरूक करना होगा। परियोजना के तहत कौन-कौन सी सुविधाएं विकसित की जाएंगी और उनका स्वरूप कैसा होगा, इसका विस्तृत निर्धारण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में किया जाएगा। UP News
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मिनी सफारी परियोजना को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए नेहरू पार्क का ड्रोन के माध्यम से स्थलाकृतिक सर्वेक्षण कराया जाएगा। सर्वेक्षण से पार्क की भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध क्षेत्र के अनुरूप विकास की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी। मंडलायुक्त ने सेना और प्रयागराज विकास प्राधिकरण के बीच समन्वय स्थापित कर संयुक्त समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। इस समझौते में दोनों संस्थाओं की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और कार्यों से जुड़ी शर्तें आपसी सहमति से निर्धारित की जाएंगी। इसके बाद वन विभाग के विशेषज्ञों और इस क्षेत्र में अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों की सहायता से डीपीआर तैयार कराई जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर परियोजना के विकास कार्यों और उनके क्रियान्वयन की रूपरेखा तय होगी। UP News
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प्रस्तावित मिनी सफारी के विकास और अनुरक्षण की जिम्मेदारी प्रयागराज विकास प्राधिकरण को दी जाएगी। पार्क के नियमित संचालन एवं अनुरक्षण (ओएंडएम) के लिए इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग किए जाने की योजना है। मंडलायुक्त ने पार्क के प्राकृतिक स्वरूप और प्रस्तावित सफारी की जरूरतों के अनुरूप उपयुक्त वनस्पति विकसित करने के लिए प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) से सहयोग देने को कहा है। इसके साथ ही सेना की संबंधित इकाइयों से भी परियोजना के विकास और क्रियान्वयन में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करते हुए पार्क को व्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। UP News

नेहरू पार्क को आकर्षक बनाने के साथ-साथ वहां की मौजूदा पर्यावरणीय स्थिति में सुधार लाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मंडलायुक्त ने झील और पूरे पार्क परिसर की साफ-सफाई का काम प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत नगर निगम द्वारा झील में गिरने वाले नालों की टैपिंग कराई जाएगी और जलशोधन की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा झील से जलकुंभी हटाने, आवश्यक वनस्पतियों की छंटाई और पूरे परिसर की सफाई के कार्य भी शीघ्र शुरू किए जाएंगे। इन उपायों से झील और पार्क के पर्यावरणीय स्वरूप को बेहतर बनाने तथा प्रस्तावित मिनी सफारी के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। UP News
प्रयागराज में नेहरू पार्क को मिनी सफारी के रूप में विकसित करने की योजना शहर में पर्यटन एवं मनोरंजन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ प्रयागराज आने वाले पर्यटकों को भी प्रकृति के बीच समय बिताने और वन्यजीवों के बारे में जानने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, परियोजना की विस्तृत रूपरेखा डीपीआर तैयार होने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल ड्रोन सर्वेक्षण, सेना और पीडीए के बीच एमओयू, विशेषज्ञों की सहायता से परियोजना की योजना तैयार करने तथा झील और परिसर की सफाई जैसे कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने संबंधित अधिकारियों को सभी विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय बनाकर प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नेहरू पार्क को एक सुव्यवस्थित, आकर्षक और ज्ञानवर्धक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। UP News
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