उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुनियोजित विकास को लेकर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है। 2050 तक राजधानी के विकास, जलभराव, ट्रैफिक, सीवर, अवैध कॉलोनियों और ग्रीन लखनऊ मिशन को लेकर पूरा रोडमैप सामने रखा गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तेजी से महानगर का स्वरूप ले रही है। बढ़ती आबादी, लगातार हो रहे शहरी विस्तार और आधारभूत सुविधाओं पर बढ़ते दबाव के बीच सरोजनीनगर के भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने राजधानी के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए विशेष आर्थिक, नगरीय नियोजन और प्रशासनिक पैकेज की मांग उठाई है। विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आगामी राज्य बजट में लखनऊ के लिए विशेष प्रावधान किए जाने का अनुरोध किया है। UP News
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डॉ. राजेश्वर सिंह के अनुसार लखनऊ की आबादी वर्ष 1991 में करीब 16.7 लाख थी, जो अब बढ़कर लगभग 42-43 लाख हो चुकी है। इसी के साथ शहर का निर्मित क्षेत्र भी करीब 48 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 310 वर्ग किलोमीटर से अधिक हो गया है। ऐसे में राजधानी का विकास केवल मौजूदा नगर सीमा तक सीमित रखने के बजाय आसपास के क्षेत्रों के साथ समन्वित रूप से करने की आवश्यकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के वर्ष 2050 तक समन्वित विकास के लिए दीर्घकालीन रोडमैप तैयार करने का सुझाव दिया है। इस क्षेत्र में लखनऊ के साथ हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी को शामिल किया गया है। UP News
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विधायक ने राजधानी की मौजूदा चुनौतियों को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। इनमें जलभराव, यातायात का बढ़ता दबाव, सीवर व्यवस्था की अपर्याप्तता, अनधिकृत कॉलोनियां, ठोस कचरा प्रबंधन और भूजल का अत्यधिक दोहन प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ में प्रतिदिन करीब 2,000 मीट्रिक टन ठोस कचरा निकलता है, जबकि लगभग 18.5 लाख टन लिगेसी वेस्ट भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके अलावा भूजल दोहन को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और प्रभावी जल प्रबंधन तथा प्राकृतिक पुनर्भरण की आवश्यकता बताई। UP News
डॉ. राजेश्वर सिंह ने शहरी नियोजकों, भूजल विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों, अभियंताओं, परिवहन योजनाकारों और वित्त विशेषज्ञों की एक उच्चाधिकार प्राप्त बहुवर्षीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का सुझाव दिया है। इस समिति में लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, जल निगम, भूगर्भ जल विभाग, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की बात कही गई है। UP News
सरोजनीनगर विधायक ने राजधानी में नई अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि कोई भी अवैध कॉलोनी अचानक नहीं बनती, इसलिए संबंधित विभागों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने म्युनिसिपल एवं ग्रीन बॉन्ड, मीटर आधारित जल-सीवर शुल्क, रूफटॉप सोलर और डिजिटलीकरण के माध्यम से स्थानीय निकायों की आय बढ़ाने तथा राजस्व रिसाव रोकने पर जोर दिया है। UP News
राजेश्वर सिंह ने लखनऊ को पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर शहर बनाने के लिए ‘ग्रीन लखनऊ मिशन-2035’ शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसके तहत जलाशयों और आर्द्रभूमियों की बहाली, गोमती नदी की पारिस्थितिकी का संरक्षण तथा प्रमुख सड़कों, मेट्रो और आउटर रिंग रोड के आसपास ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने जैसे कदम सुझाए गए हैं। UP News
विधायक ने जलभराव की समस्या दूर करने और किला मोहम्मदी नाले के पुनर्निर्माण के लिए करीब 175 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी व्यक्त किया। उनका कहना है कि राजधानी के विकास को अब अलग-अलग परियोजनाओं के बजाय एक व्यापक और दीर्घकालीन मास्टर प्लान के तहत आगे बढ़ाने की जरूरत है। UP News
राजेश्वर सिंह की मांग ऐसे समय सामने आई है जब लखनऊ मेट्रो, आउटर रिंग रोड, गोमती रिवरफ्रंट, एक्सप्रेसवे और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के चलते तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में उनका प्रस्ताव केवल सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे राजधानी क्षेत्र के भविष्य के नियोजित विकास से जुड़ा हुआ है। यदि राज्य सरकार आगामी बजट में ऐसे विशेष आर्थिक और प्रशासनिक प्रावधान करती है, तो इससे लखनऊ के बढ़ते शहरी दबाव को नियंत्रित करने, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और राजधानी क्षेत्र के वर्ष 2050 तक के विकास की ठोस आधारशिला तैयार करने में मदद मिल सकती है। UP News
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